Bhilai News: छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) ने पेड जर्नल्स में प्रकाशित रिसर्च पेपरों को अमान्य घोषित करते हुए अब केवल मान्यता प्राप्त अनपेड (निशुल्क) जर्नल्स में प्रकाशित शोध को ही स्वीकार करने का निर्णय लिया है।
CG News: छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) ने शोध कार्य की गुणवत्ता सुधारने के लिए अहम कदम उठाते हुए पेड जर्नल्स में प्रकाशित रिसर्च पेपरों पर रोक लगा दी है। अब विवि केवल मानक वाले अनपेड (निशुल्क) जर्नल्स में प्रकाशित शोध पत्रों को ही मान्यता देगा।
विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीएचडी उपाधि, फैकल्टी प्रमोशन और अन्य अकादमिक मूल्यांकन के लिए अब उन्हीं जर्नल्स में प्रकाशित पेपर मान्य होंगे, जिन्हें सीएसवीटीयू ने मानक सूची में शामिल किया है। अन्य किसी प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित शोध को मान्यता नहीं मिलेगी।
इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए विषयों की बाध्यता भी कम की गई है। अब 12वीं में 14 निर्धारित विषयों में से कोई भी तीन विषय लेकर उत्तीर्ण छात्र इंजीनियरिंग में प्रवेश ले सकेंगे। इन विषयों में भौतिकी, गणित, रसायन, कंप्यूटर साइंस, आईटी, बायोलॉजी, एग्रीकल्चर, बिजनेस स्टडीज, एंटप्रेन्योरशिप आदि शामिल हैं।
दरअसल, अब तक कई मामलों में पैसे देकर निम्नस्तरीय जर्नल्स में शोध पत्र प्रकाशित कराए जा रहे थे। इन जर्नल्स में न तो समुचित समीक्षा (रिव्यू) होती थी और न ही शोध की गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता था। इसके चलते त्रुटिपूर्ण और कमजोर शोध भी आसानी से प्रकाशित हो जाते थे। विवि ने इसी प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए यह सख्त निर्णय लिया है।
नए नियमों के तहत सभी शोधार्थियों को यह शपथ पत्र देना होगा कि उनका रिसर्च पेपर केवल मान्यता प्राप्त अनपेड जर्नल में ही प्रकाशित हुआ है। इसी आधार पर उनके शोध कार्य को मान्यता दी जाएगी।
अमित राजपूप्रभारी कुलसचिव, सीएसवीटीयू के मुताबिक, रिसर्च की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। जर्नल पब्लिकेशन को लेकर नए मानक लागू किए गए हैं।
CSVTU में 25 करोड़ से बनेगा हॉस्टल और सेंट्रल लाइब्रेरी, अब एडमिशन नहीं होंगे रद्द- छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में अब जल्द ही खुद का हॉस्टल होगा। हॉस्टल की क्षमता 450 सीटर रहेगी। हाल ही में राज्य शासन ने तकनीकी विश्वविद्यालय सीएसवीटीयू को 250 सीटर हॉस्टल की स्वीकृति दे दी है। इसके लिए विवि को 25 करोड़ रुपए दिए गए हैं… पूरी खबर पढ़े