भिलाई

सीएसवीटीयू: डिप्लोमा डिग्रीधारी अब पार्ट टाइम इंजीनियरिंग भी कर सकेंगे, पढि़ए पूरी खबर

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने कॉलेजों को सेकंड शिफ्ट में पार्ट टाइम कोर्स का संचालन करने की मंजूरी दे दी है।
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Updated: 21 Dec 2017, 10:11 PM IST
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भिलाई. अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने कॉलेजों को सेकंड शिफ्ट में पार्ट टाइम कोर्स का संचालन करने की मंजूरी दे दी है। पार्ट टाइम में इंजीनियरिंग भी कराई जा सकेगी। इसमें वे लोग शामिल होंगे, जो पहले से किसी सरकारी का निजी कंपनियों में कार्यरत है और नौकरी के साथ-साथ अपनी डिग्री बढ़ाना चाहते हैं।

अब इंजीनियरिंग कॉलेज सेकंड शिफ्ट में भी

एआईसीटीई ने इस नए नियम को मंजूरी तो दे दी है, लेकिन इसे लागू कराने की जिम्मा छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय पर होगा। विश्वविद्यालय से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज अभी प्रथम शिफ्ट में संचालित हो रहे हैं, जबकि पॉलीटेक्निक कोर्स को ही सेकंड शिफ्ट की मंजूरी दी गई है। सीएसवीटीयू प्रशासन से अनुमति लेने के बाद अब इंजीनियरिंग कॉलेज सेकंड शिफ्ट में भी प्रयोगशाला व अन्य मापदंडों को पूरा कर कोर्स का संचालन कर सकेंगे।

सीएसवीटीयू का यह तर्क
सीएसवीटीयू प्रशासन का कहना है कि फिलहाल इस नए नियम को लागू कराने से पहले विवि अध्यादेश में संशोधन की जरूरत पड़ेगी। विवि की मंशा है कि वर्किंग लोगों के लिए पार्ट टाइम कोर्स का संचालन विवि यूटीडी में कराया जाएगा। इससे पहले एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में पार्ट टाइम इंजीनियरिंग संचालित की जाती थी, जिसे बाद में विवि ने बंद किया। दरअसल, एआईसीटीई ने ही पार्ट टाइम कोर्स के संचालन के विभिन्न अनियमितताओं की वजह से इसे बंद कराया था। इस बार दोबारा पार्ट टाइम कोर्स संचालन को मंजूरी देने के साथ ही परिषद ने विभिन्न मापदंड भी पेश किए हैं। कहा है कि मापदंड पूरे करने के बाद ही कॉलेजों को मंजूरी मिलेगी।

बीएसपी कर्मचारियों ने की थी मांग

बीते कुछ महीनों पहले बीएसपी के डिप्लोमा इंजीनियरिंग एसोसिएशन ने तकनीकी विवि के कुलपति डॉ. एमके वर्मा ने मुलाकात कर शहर के कॉलेजों में पार्ट टाइम डिप्लोमा शुरू कराने की बात सामने रखी थी। एसो. का कहना था कि अभी तक सीएसवीटीयू सिर्फ इंजीनियर्स को ही स्टील टेक्नोलॉजी और अन्य कोर्स में प्रवेश लेने की छूट देता है। जबकि डिप्लोमा इंजीनियर्स की संख्या संयंत्र में हजारों में है। कॉलेजों में इनके लिए भी पार्ट टाइम कोर्स का संचालन करने की व्यवस्था बनाने से काफी हद तक नवाचार से जुड़ सकेंगे। एसो. के मुताबिक स्टील टेक्नोलॉजी जैसे तमाम कोर्स विवि में शुरू कराए जाए तो यह और भी बेहतर होगा। एसो. के प्रतिनिधियों की बात सुनने के बाद कुलपति ने इसका प्रस्ताव बनाने की बात कही थी।

कार्यपरिषद तय करेगी

कुलपति डॉ. एमके वर्मा ने बताया कि पार्ट टाइम कोर्स का संचालन यूटीडी में कराएंगे। इसका प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। एआईसीटीई ने मंजूरी तो दे दी है, लेकिन इसमें समय लगेगा। कॉलेजों को अनुमति दी जाएगी या नहीं यह कार्यपरिषद तय करेगी।

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