
Satya Niketan Building: दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को हुए दर्दनाक PG इमारत हादसे में दुर्ग के छात्र युवराज सोनी की भी मौत हो गई। दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम की पढ़ाई कर रहा युवराज महज तीन दिन पहले ही छुट्टियां बिताकर दुर्ग से दिल्ली लौटा था। हादसे के वक्त वह अपने दोस्त आर्यन से फोन पर बात कर रहा था, तभी अचानक इमारत गिरने से उसकी आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई।
हादसे के वक्त युवराज अपने दोस्त आर्यन से फोन पर बातचीत कर रहा था। दोनों के बीच बातचीत चल ही रही थी कि अचानक इमारत गिर गई और फोन पर युवराज की आवाज आनी बंद हो गई। दूसरी तरफ मौजूद आर्यन लगातार फोन पर ‘हेलो-हेलो’ करता रहा, लेकिन युवराज की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। कुछ देर तक संपर्क नहीं होने पर आर्यन परेशान हो गया। इसी बीच उसे सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की जानकारी मिली। इसके बाद वह तुरंत घटनास्थल की ओर पहुंचा और मलबे में अपने दोस्त की तलाश शुरू कर दी।
घटना के समय युवराज अपने दोस्त आर्यन से फोन पर बात कर रहा था। बातचीत के दौरान दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक युवराज की आवाज आनी बंद हो गई। फोन दूसरी तरफ जुड़ा हुआ था, इसलिए आर्यन ने कई बार ‘हेलो-हेलो’ कहकर युवराज को पुकारा। उसने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन युवराज की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। शुरुआत में आर्यन को समझ नहीं आया कि अचानक फोन पर युवराज की आवाज क्यों बंद हो गई। लगातार संपर्क करने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसकी चिंता बढ़ गई। इसी बीच उसे सत्य निकेतन इलाके में PG की इमारत गिरने की जानकारी मिली। युवराज से बातचीत के दौरान ही संपर्क टूटने और उसी इलाके में इमारत गिरने की खबर सामने आने के बाद आर्यन को किसी अनहोनी की आशंका हुई।
युवराज की मौत की सूचना दुर्ग में उसके परिजनों को दी गई। खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। अचानक आई इस दुखद खबर से परिजन सदमे में हैं। परिवार के लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि जिस बेटे को कुछ दिन पहले ही छुट्टियां बिताने के बाद पढ़ाई के लिए दिल्ली भेजा था, अब वह उनके बीच नहीं रहा।
बताया जा रहा है कि युवराज कुछ दिनों के लिए दुर्ग स्थित अपने घर आया था। छुट्टियां खत्म होने के बाद वह अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए दिल्ली वापस लौटा था। दिल्ली पहुंचे उसे महज तीन दिन ही हुए थे। युवराज दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था। परिवार ने उसकी पढ़ाई और भविष्य को लेकर कई सपने संजोए थे। वह पढ़ाई पूरी कर अपने करियर को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा था। ऐसे में तीन दिन पहले ही घर से दिल्ली लौटे युवराज की हादसे में मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सत्य निकेतन PG हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। वहीं पांच गंभीर घायलों को इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद चलाए गए बचाव अभियान में 12 लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी भी सामने आई है। मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए घटनास्थल पर रेस्क्यू अभियान जारी है। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबा हटाकर फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एजेंसियां और प्रशासनिक अमला भी मौके पर मौजूद है।