भिलाई

Patrika Raksha Kavach: महिला वकील हुई डिजिटल अरेस्ट, 41 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

Patrika Raksha Kavach: साइबर ठगी का मास्टरमाइंड अफसर खान है। उसके मोबाइल को जब चेक किया गया तो क्रिप्टो करेंसी से संबधित ऐप मिले। जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तब उसने स्वीकार किया कि भारत में साइबर ठगी करता है।

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Apr 05, 2025

Patrika Raksha Kavach: दुर्ग कोर्ट की महिला अधिवक्ता फरिहा अमीन को फर्जी सीबीआई दिल्ली पुलिस के नाम पर डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर 41 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी गुजरात में पकड़ाए। आरोपी ठगी की रकम क्रिप्टो करेंसी में लगाकर दुबई भेजते थे। पुलिस ने आरोपी अफसर खान और मनीष दोसी के कब्जे से चेकबुक, रकम गिनने की मशीन और 45 लाख की कार जब्त किया है।

दुर्ग सीएसपी चिराग जैन ने बताया कि बघेरा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी एलआईजी 512 निवासी फरिहा अमीन कुरैशी ने ठगी की शिकायत की थी। 21 जनवरी को सुबह 10.35 बजे उसके मोबाइल पर दिल्ली पुलिस विभाग से एक वीडियो कॉल आया। उन्होंने बताया सीबीआई और दिल्ली पुलिस द्वारा संदीप कुमार के खिलाफ मनीलॉन्ड्रींग केस ड्रगट्रेफेकिंग आईडेंटिंटी थेफ्ट केस में जांच की जा रही है। उसने झांसा दिया कि 180 बैंक खाते मिले है।

इसमें एचडीएफसी बैंक का एक खाता फरिहा अमीन का बताया। उस खाते में 8.7 करोड़ रुपए जमा है। संदीप को उक्त खाता 10 प्रतिशत कमीशन पर उस खाता को खोलवाया गया है। उसके झांसे में आकर फरिहा अमीन कुरैशी ने गंजपारा एसबीआई बैंक से आरटीजीएस के माध्यम से आरबीआई इंडिया में 41 लाख रुपए जमा कराया। यह राशि चार दिनों में किस्तों में जमा किया।

टीआई विजय यादव ने बताया कि एसपी जितेन्द्र शुक्ला के निर्देश पर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। आरोपियों द्वारा जिस बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराया था उसे खंगाल गया। 29 जनवरी को 9 लाख 50 हजार रुपए राजकोट नागरिक सहकारी बैंक ब्रांच मोरबी गुजरात में ट्रांसफर की गई थी। यह बैंक आस्था लांजिस्थ संस्था से संचालित थी। जब खाते को खंगाला गया तो संचालक मनीष दोसी की जानकारी हुई। टीम गुजरात पहुंची और आरोपी मनीष को नक्षत्र अपार्टमेंट के 5वें फ्लोर से गिरफ्तार किया गया। मनीष की निशानदेही पर आरोपी अफसर खान को सुरेंद्र नगर गुजरात से गिरफ्तार किया गया।

भारत से ठगी की रकम भेजते थे दुबई

टीआई ने बताया कि इस पूरे साइबर ठगी का मास्टरमाइंड अफसर खान है। उसके मोबाइल को जब चेक किया गया तो क्रिप्टो करेंसी से संबधित ऐप मिले। जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तब उसने स्वीकार किया कि भारत में साइबर ठगी करता है। स्थानीय अगड़िया च्वाइज सेंटर से क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से दुबई पैसे भेज देता है। इस हवाला के पैसे को दुबई में रियल स्टेट में इनवेस्ट कर रहा था।

डिजिटल अरेस्ट के झांसे में आई अधिवक्ता

सीएसपी ने बताया कि फरिहा चार दिनों तक डिजिटल अरेस्ट के झांसे में रही। घर में क्या कर रही है। मार्केट जाने और कोर्ट में जाने तक की जानकारी वीडियो के जरिए उसे दिखाती थी। पैसे पूरा ट्रांसफर कर दिया, तब ठगों के कॉल आना बंद हो गया। फिर उन्हें समझ आया कि वह साइबर ठगी की शिकार हो गई।

दुबई में बनाई ठगी की संपत्ति को दुबई से लाएगी पुलिस

सीएसपी चिराग जैन ने बताया कि साइबर ठगों की पूरी चेन है। अभी दो आरोपी पकड़ाए है। इस गिरोह में सामिल अन्य आरोपियों की तफ्तीश की जा रही है। इसके बाद आगे की जांच कर आरोपियों द्वारा साइबर ठगी से लाभ की रकम दुबई में इनवेस्ट किया। शासन के जरिए उसे जब्त करने की प्रक्रिया की जाएगी।

Published on:
05 Apr 2025 12:46 pm
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