
Ganesh Chaturthi 2025: नगर निगम ने शहर में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) की मूर्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों की स्वच्छता को ध्यान में रखकर लिया गया है। इसके मुताबिक पीओपी की प्रतिमाएं बनाने और बेचने पर भी प्रतिबंध रहेगा। इस फैसले के बाद अब आगामी गणेशोत्सव में केवल केवल मिट्टी से बनी भगवान गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जा सकेंगी।
महापौर अल्का बाघमार और निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने फैसले की जानकारी देकर प्रतिमा निर्माण करने वालों और विक्रेताओं को केवल मिट्टी की प्रतिमाओं के निर्माण और विक्रय का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि पीओपी से बनी मूर्तियां न केवल जल स्रोतों को प्रदूषित करती हैं, बल्कि इनके अपघटन में लंबा समय लगता है, जिससे जलीय जीवों और पर्यावरण को नुकसान होता है। महापौर ने कहा कि यह प्रयास शहर को स्वच्छ और हरित बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पीओपी की मूर्तियां हमारे तालाबों और नदियों को दूषित करती हैं। हम सभी को मिलकर इस पहल में सहयोग करना चाहिए।
आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और वार्डों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसमें प्रतिबंध के फैसले की जानकारी देकर लोगों से मिट्टी की मूर्तियां स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीओपी की मूर्तियों की बिक्री की निगम को सूचना देने लोगों को प्रेरित किया जाएगा।
निगम आयुक्त ने बताया कि निगम के कर्मियों द्वारा लगातार निगरानी की जाएगी। यदि कोई विक्रेता पीओपी की मूर्तियां बेचते पकड़ा गया तो उसके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जुर्माना भी वसूला जाएगा। उन्होंने कहा कि घर, कार्यालय अथवा किसी भी निजी व सार्वजनिक जगह पर पीओपी की मूर्ति स्थापित करने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम न सिर्फ पर्यावरण के हित में है, बल्कि भावी पीढ़ी को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। सभी धार्मिक संगठनों, समितियों, गणेश उत्सव मंडलियों और प्रतिमा विक्रेताओं को इसकी जानकारी देकर मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने प्रेरित किया जाएगा। - सुमित अग्रवाल, आयुक्त निगम दुर्ग