भिलाई

अटैचमेंट से कब तक चलेगी पढ़ाई? जेन अल्फा सड़क पर उतरा तो मिली राहत, अब शिक्षा मंत्री के गृह जिले में स्थायी शिक्षकों की मांग

Pendrawan Atmanand School: चार साल से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे पेंड्रावन आत्मानंद स्कूल के विद्यार्थियों के चक्काजाम के बाद शिक्षा विभाग ने दो शिक्षकों को अटैच कर तत्काल राहत तो दे दी, लेकिन अब सवाल स्थायी व्यवस्था का है।
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Aug 22, 2026
Chhattisgarh News
जेन अल्फा सड़क पर उतरा (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Student Protest: भिलाई में चार साल से शिक्षक मिलने का इंतजार कर रहे पेंड्रावन आत्मानंद स्कूल के विद्यार्थियों का शुक्रवार को सब्र टूट गया। जेन अल्फा की इस पीढ़ी ने शिकायतों और आश्वासनों के बजाय सडक़ पर उतरकर अपना आक्रोश जाहिर किया। बड़ी संख्या में विद्यार्थी खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। इनमें कई नाबालिग विद्यार्थी भी शामिल थे। कुछ देर यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बच्चों से बातचीत की।

विद्यार्थियों का कहना था कि स्कूल में विषयवार शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई और पाठ्यक्रम दोनों प्रभावित हैं। परीक्षाएं सिर पर हैं, लेकिन मुख्य विषयों के शिक्षक तक उपलब्ध नहीं हैं। सरकारी स्कूल के इन बच्चों के लिए पढ़ाई का मुख्य सहारा स्कूल ही है। ऐसे में शिक्षक नहीं होंगे तो भविष्य को लेकर चिंता स्वाभाविक है।

Student Protest: सड़क पर बैठे तो विभाग की नींद खुली

बच्चों के चक्काजाम के बाद जिला शिक्षा विभाग ने तत्काल बरहापुर से एक शिक्षक और एक मिडिल स्कूल के शिक्षक को पेंड्रावन में अटैच किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने आंदोलन समाप्त किया। हालांकि बच्चों की मांग केवल तत्काल व्यवस्था की नहीं, बल्कि विषयवार पर्याप्त शिक्षकों की नियमित उपलब्धता की है।

मंत्री के गृह जिले में व्यवस्था पर सवाल

पेंड्रावन स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले दुर्ग के धमधा क्षेत्र में आता है। ऐसे में चार साल तक शिक्षकों की कमी बने रहना और अंतत: बच्चों को पढ़ाई के लिए सडक़ पर उतरना शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बच्चों का आक्रोश विभाग के लिए चेतावनी है कि अगली पीढ़ी केवल आश्वासन से संतुष्ट होने वाली नहीं है।

शिकायतों से सड़क तक पहुंचा गुस्सा

स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों के अनुसार स्कूल में करीब चार साल से शिक्षकों की कमी है। विभाग को कई बार जानकारी देने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ। आखिरकार बच्चों ने खुद मोर्चा संभाला और सड़क पर बैठकर अपनी बात रखी। जेन अल्फा की पहचान तकनीक और तेज संवाद से जुड़ी पीढ़ी के रूप में की जाती है, लेकिन पेंड्रावन के बच्चों का यह प्रदर्शन बताता है कि उनकी प्राथमिकता आज भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही है।

पहली बार छत्तीसगढ़ में जेन-अल्फा सड़क पर

यह प्रदर्शन इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल थे। बच्चों ने कहा कि उन्हें राजनीति नहीं, स्कूल में शिक्षक चाहिए। वे स्कूल आकर पढ़ना चाहते हैं और चाहते हैं कि हर विषय की पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हों।

Updated on:
22 Aug 2026 11:00 am
Published on:
22 Aug 2026 11:00 am