भिलाई

Bhilai Jaundice Case: बढ़ा पीलिया का खतरा, शहर में 37 मरीज मिलने से मचा हड़कंप, हेल्थ अलर्ट जारी…

Bhilai Jaundice Case: भिलाई नगर के सेक्टर-7 में पीलिया के 37 मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 80 घरों का सर्वे कर सैंपलिंग शुरू की है।
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Apr 15, 2026
Jaundice Outbreak
मैनपाट में पीलिया से 5 मौत की आशंका (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Bhilai Jaundice Case: छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर के वार्ड-67, सेक्टर-7 (सड़क 37ए) में पीलिया के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। 14 अप्रैल 2026 को स्वास्थ्य टीम ने प्रभावित इलाके का दौरा कर हालात का जायजा लिया और जरूरी कदम उठाए। अधिकारियों के अनुसार स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन निगरानी लगातार जारी है।

Bhilai Jaundice Case: स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के निर्देशन में और जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे के मार्गदर्शन में टीम ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान सिविल अस्पताल सुपेला के प्रभारी डॉ. पियाम सिंह, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट रितिका सोनवानी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी और मितानिन मौजूद रहे।

कितने मरीज, क्या है स्थिति

अब तक इस क्षेत्र में कुल 37 पीलिया के मरीज सामने आ चुके हैं। ताजा सर्वे में 1 नया मरीज मिला है, जबकि 1 पुराना मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुका है। वर्तमान में शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में 3 मरीज, पल्स हॉस्पिटल में 1 मरीज उपचाररत है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता जरूरी है।

घर-घर सर्वे और सैंपलिंग

स्वास्थ्य टीम ने सेक्टर-7 के प्रभावित इलाके में 80 घरों का सर्वे किया। इस दौरान संदिग्ध मरीजों की पहचान कर 13 लोगों के सैंपल लिए गए। मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए मौके पर ही जांच और उपचार की सुविधा भी दी गई। एक नए मरीज को भर्ती की सलाह दी गई।

बीमारी का कारण और लक्षण

पीलिया एक संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से दूषित पानी और भोजन के कारण फैलता है। यह वायरस संक्रमण से होता है और इसके लक्षण 15 से 50 दिनों के भीतर सामने आते हैं। प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं: भूख न लगना, पीले रंग की पेशाब, उल्टी और सिरदर्द, कमजोरी और थकान, आंखों और त्वचा का पीला होना, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होना।

Bhilai Jaundice Case: पानी सप्लाई पर फोकस

जांच में सामने आया कि इलाके में पानी की सप्लाई नगर निगम द्वारा की जा रही है। पाइपलाइन में गड़बड़ी की आशंका के चलते उसे बदला जा रहा है, ताकि दूषित पानी की समस्या खत्म हो सके। इस कार्य में भिलाई इस्पात संयंत्र भी सहयोग कर रहा है।

स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता अभियान

स्वास्थ्य टीम ने क्षेत्र में लोगों को स्वच्छता, उबालकर पानी पीने और साफ भोजन करने की सलाह दी। मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के जरिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि पीलिया के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। समय पर इलाज और सावधानी ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

Updated on:
15 Apr 2026 11:22 am
Published on:
15 Apr 2026 11:21 am