भिलाई

परिजन से बिछड़े एवं भटके हुए 286 बच्चों को आरपीएफ ने परिवार से मिलवाया, पढि़ए पूरी खबर

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन क्षेत्र के आरपीएफ की टीम ने स्टेशनों पर यात्रा के दौरान बिछुड़ बच्चों को ढूंढने के लिए ऑपरेशन टू मुस्कान चलाया।

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Mar 29, 2018

भिलाई. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को बाल श्रमिक और बच्चों का शोषण रोकने में न केवल बड़ी कामयाबी मिली है, बल्कि सैकड़ों परिवार से बच्चों को मिलाकर चेहरे पर मुस्कान भी बिखेरी है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन क्षेत्र के आरपीएफ आईजी आरएस चौबे की टीम ने नागपुर, बिलासपुर, रायपुर , दुर्ग , डोंगरगढ़, राजनांदगांव और गोंदिया रेलवे स्टेशनों पर यात्रा के दौरान परिवार से बिछुड़ जाने वाले बच्चों को ढूंढने के लिए ऑपरेशन टू मुस्कान चलाया। अप्रैल २०१७ से कुल ११ महीने तक चलाए गए ऑपरेशन में २८६ बच्चों को मुक्त कराया है। सभी बच्चों को उनके माता पिता से मिलवाया गया है।

बच्चों को बचाने और उनके पुनर्वास अभियान
बिलासपुर रेलवे जोन के प्रवक्ता शिव प्रसाद ने बताया कि आरपीएफ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने बच्चों को बचाने और उनके पुनर्वास के साथ ही अभियान चला रही है। टीम ने बच्चों को बाल मजदूरी और शोषण को रोकने के लिए सुरक्षा हेल्प लाइन 182 को प्रभावी तरीके से प्रचार-प्रसार कर रही है। इससे बच्चों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण फायदा मिली है। उन्होंने कहा कि स्टेशनों पर सीसीटीवी की सुरक्षा और जवानों की चौकसी गतिविधियों से आरपीएफ को बच्चों की पहचान और उनके परिजनों तक पहुंचने में सफलता मिली है।

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ये हैं रेलवे के हेल्पलाइन नंबर
- फोन नंबर 182 पर दर्ज शिकायत के आधार पर रेस्क्यू किया जाता है।
- रेलवे ने टोल फ्री नंबर- 18002332534 जारी किया है। इस नंबर पर रेलवे स्टेशन या यात्रा के दौरान बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के अनैतिक व्यवहार किए जाने पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
-ट्वीटर परञ्चआरपीएफसीईसीआरवन में ट्वीट कर शिकायत की जा सकती है। टीम क्वीक रिस्पांस देगा। आपकी मदद भी करेगा।

ऐसे खुलते गया मामला
- सुरक्षा हेल्प लाइन नंबर 18 2 के बारे में यात्रियों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए यात्रियों के बीच नियमित रूप से पर्चे बांटे जाते हैं। इसके अलावा स्टेशन के प्रमुख स्थानों और ट्रेनों में स्टीकर्स भी चिपकाएं गए हैं। संदेह की स्थिति में पूछताछ किया गया। इससे मामले का खुलासा होते गया। इस तरह से अप्रैल 201७ से फरवरी 201८ के बीच कुल ११ महीने में २८६ बच्चों को बचाया है।

माह- परिजनों से मिलने वाले बच्चों की संख्या
अप्रेल - 9
मई - 18
जून - 38
जुलाई - 32
अगस्त - 32
सितंबर - 25
अक्टूबर -26
नवंबर -19
दिसंबर -34
जनवरी -35
फरवरी -29 शामिल हैं।

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Published on:
29 Mar 2018 03:21 pm
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