
नहीं आई ऑस्ट्रेलियन कोक की रिपोर्ट आरडीके इंडस्ट्री की जांच पड़ी ठप (Photo Patrika)
Australian Coke News: जेवरा-सिरसा चौकी क्षेत्र स्थित आरडीके इंडस्ट्री में पकड़े गए कथित ऑस्ट्रेलियन कोक के अवैध भंडारण मामले की जांच डेढ़ महीने बाद भी अधर में है। माइनिंग विभाग ने शुरुआत में एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट आने का दावा किया था, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं मिलने से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। पुलिस का कहना है कि आगे की कानूनी कार्रवाई खनिज विभाग की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही की जाएगी।
गौरतलब है कि 31 मई को मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरडीके इंडस्ट्री परिसर में भारी मात्रा में कथित ऑस्ट्रेलियन कोक का भंडारण पकड़ा था। सूचना मिलने पर सहायक खनिज अधिकारी मौके पर पहुंचे और तीन नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। तीन जून को पूरे परिसर की माप-जोख कर उसे सील कर दिया गया तथा अगले आदेश तक सामग्री के उठाव और आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
सहायक खनिज अधिकारी के अनुसार आरडीके इंडस्ट्री की संचालक पूजा खंडेलवाल को नोटिस जारी कर बुलाया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुईं। उनके पति गिरीश खंडेलवाल ने फ्लू डस्ट से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए, जबकि कथित ऑस्ट्रेलियन कोक के वैध दस्तावेज आज तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
शुरुआत में कोक के नमूने रायपुर की प्रयोगशाला भेजे गए थे, लेकिन वहां जांच संभव नहीं होने पर उन्हें बिलासपुर रीजनल कार्यालय भेज दिया गया। डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट नहीं आई है। लोगों में लीपापोती की चर्चाएं हो रही है। ऑस्ट्रेलियन कोक की गुणवत्ता जांच के लिए नमूना बिलासपुर रीजनल कार्यालय भेजा गया है। ऑस्ट्रेलियन और भारतीय कोक की संरचना अलग होती है, इसलिए इसकी विस्तृत जांच डायरेक्टोरेट ऑफ जियोलॉजी एंड माइनिंग स्तर पर होती है। इस प्रक्रिया में समय लगता है।
खनिज विभाग के मुताबिक ऑस्ट्रेलियन कोक की गुणवत्ता और उसमें मौजूद तत्वों की जांच सामान्य लैब में संभव नहीं है। इसकी विस्तृत जांच डायरेक्टोरेट ऑफ जियोलॉजी एंड माइनिंग स्तर पर होती है, जहां कोक की गुणवत्ता के साथ संभावित पेनाल्टी का भी निर्धारण किया जाता है। इसी वजह से रिपोर्ट आने में समय लग रहा है।
आरडीके इंडस्ट्री का नाम पहले से चर्चित भिलाई स्टील प्लांट के करीब 250 टन लौह स्क्रैप चोरी मामले में भी सामने आ चुका है। इस मामले में गिरीश खंडेलवाल आरोपी हैं और पुलिस उन्हें फरार घोषित कर चुकी है। अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
ऑस्ट्रेलियन कोक की गुणवत्ता जांच के लिए नमूना बिलासपुर रीजनल कार्यालय भेजा गया है। ऑस्ट्रेलियन और भारतीय कोक की संरचना अलग होती है, इसलिए इसकी विस्तृत जांच डायरेक्टोरेट ऑफ जियोलॉजी एंड माइनिंग स्तर पर होती है। इस प्रक्रिया में समय लगता है।
दीपक मिश्रा, खनिज अधिकारी, दुर्ग
Updated on:
21 Jul 2026 02:07 pm
Published on:
21 Jul 2026 02:06 pm
