विज्ञान में वह सारी ताकत है, जिससे हर जरूरतों को पूरा किया जा सके। सवाल सिर्फ यह है कि हम उससे क्या हासिल करना चाहते हैं।
भिलाई. विज्ञान में वह सारी ताकत है, जिससे हर जरूरतों को पूरा किया जा सके। सवाल सिर्फ यह है कि हम उससे क्या हासिल करना चाहते हैं। पूर्व राष्ट्रपति एवं वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की कही यह चंद बातें साबित करती है कि यदि विकास में विज्ञान का तालमेल हो, तो दुनिया की सूरत संवरने में ज्यादा वक्त नहीं लगताा। अपनी छोटी-छोटी कोशिशों के जरिए हमारे शहर के भी बालमन में वैज्ञानिक सोच आने लगी है। पिछले दिनों हुए राज्य स्तरीय इंस्पायर अवार्ड में दुर्ग जिले के पांच बाल वैज्ञानिकों ने अपने इनोवेशन का लोहा मनवाया और जल्द ही वे अब राष्ट्रीय स्तर पर अपने इस अविष्कार को पहचान दिलाएंगे। छत्तीसगढ़ से इस बार सबसे ज्यादा दुर्ग से ही बाल वैज्ञानिक दिल्ली में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। इन बच्चों ने जो इनोवेशन किया है वह लोगों की जिंदगी से सीधे जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर जानिए इन बच्चों के खास इनोवेशन।
हेलमेट पहनने के बाद ही होगी बाइक स्टार्ट
दुर्ग के जेआरडी स्कूल में ग्यारहवीं के छात्र खिलेश देवांगन ने ऐसा हेलमेट तैयार किया है जिसे पहनने के बाद ही बाइक स्र्टाट होगी। उसने हेलमेट को ट्रांसमीट और रिसीवर को बाइक से जोड़कर इसे तैयार किया। इससे पीछे उसका उद्देश्य है कि लोग बिना हेलमेट के गाड़ी ना चलाएं। क्योंकि सड़क दुर्घटना में सबसे ज्यादा मौत बिना हेलमेट पहनने वालों की होती है।
बारिश शुरू होते ही चल पड़ेगा वाइपर
शासकीय उमा. शाला छावनी के छात्र एसप्रकाश ने ऐसा कार वाइपर तैयार किया है जो बारिश शुरू होते ही अपने-आप शुरू हो जाएगा। एस प्रकाश का कहना है कि अब तक कार में वाइपर तब चलता था जब उसका स्वीच ऑन किया जाता था,लेकिन उसने ऐसा सिस्टम डेवलप किया है जिससे बारिश गिरते ही वाइपर अपने आप शुरू हो जाएगा और बारिश के बंद होते ही वह ऑटोमेटिक ही बंद हो जाएगा। इससे ड्राइवर को गाड़ी चलाने में दिक्कत नहीं होगी।
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