New Railway Line: खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेलवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण जारी है। इस बीच मुआवजे को लेकर उपजे विवाद अब सुलझते हुए दिखाई दे रहा है..
New Railway line: खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेलवे परियोजना के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रभावित किसानों और प्रशासन के बीच विवाद अब सुलझने के आसार दिखाई दे रहे हैं। दरअसल मुआवजे की दरों में विसंगतियों और गाइडलाइन में भारी कटौती से नाराज किसानों के जब तक विसंगतियां दूर नहीं होंगी, तब तक जमीन नहीं देने का ऐलान कर रखा है। इस पर विवाद के निपटारे के लिए कलेक्टर अभिजीत सिंह ने हाईलेवल कमेटी बनाने का ऐलान किया है।
जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में प्रभावित किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को कलेक्टर अभिजीत सिंह से मिला। इस दौरान किसानों की ओर से पक्ष रखते हुए राकेश ठाकुर ने कहा कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धाराओं का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के उच्चतम विक्रय विलेखों को आधार बनाकर मुआवजा तय किया जाना चाहिए। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में मुआवजे का अधिकतम गुणांक 4 लागू किया जाना चाहिए। किसानों के प्रतिनिधिमंडल में अजय कुमार सिन्हा, अमर सिंह साहू, देवेंद्र कुमार देवांगन आदि शामिल थे।
किसानों ने कलेक्टर के समक्ष उचित मूल्यांकन की मांग रखी। किसानों का कहना था कि दो फसलीय और सिंचित भूमि का पृथक मूल्यांकन किया जाए। इसके साथ ही मकान, कुआं, बोरवेल और पेड़ों का मुआवजा बाजार दर पर दिया जाना चाहिए। क्षेत्र के प्रभावित किसानों ने प्रभावित परिवार के कम से कम एक सदस्य को स्थायी रेलवे नौकरी का लिखित आश्वासन की मांग रखी।