
Nagpur station (Photo source- Patrika)
बैकुंठपुर। चिरमिरी-नागपुर हाल्ट नई ब्रॉडगेज रेलवे लाइन परियोजना (Railway news) के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। परियोजना के लिए 36.620 हेक्टेयर भूमि का अर्जन किया गया है। इसमें 153 निजी भूमिस्वामी की 15.447 हेक्टेयर और 53 खसरों की 21.173 हेक्टेयर शासकीय भूमि शामिल है। प्रशासकीय शुल्क सहित कुल 16 करोड़ 93 लाख 8338 रुपए मुआवजा देना तय किया गया है। इस प्रोजेक्ट से चिरमिरी से चलने वाली चिरमिरी, रीवां, चंदिया, भोपाल, अनूपपुर, बिलासपुर सहित 5 ट्रेनों का विस्तार अंबिकापुर तक होगा। इससे बड़ी आबादी को सेवा का लाभ मिलेगा।
रेल परियोजना के तहत 17 किलोमीटर नई रेलवे (Railway news) लाइन बिछेगी। इसमें ग्राम चिरईपानी, बंजी, सरोला, सरभोका, खैरबना एवं चित्ताझोर की भूमि प्रभावित हुई है। रेल विभाग एवं राजस्व विभाग के संयुक्त दल ने सर्वे के बाद अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित भूमि के संबंध में भारतीय रेल अधिनियम 1989 की धारा 20आई के तहत घोषणा कर दावा एवं आपत्ति मंगाई थी।
दावा-आपत्तियों के निराकरण के बाद धारा 20ई के अंतर्गत भूमि अर्जन की घोषणा भारत के राजपत्र में 27 अगस्त 25 को प्रकाशित की थी। इस दौरान सभी दावा एवं आपत्तियों का निराकरण कर मुआवजा भुगतान (Railway news) के लिए प्राथमिक प्रतिकर राशि का आकलन किया गया। साथ ही 24 दिसंबर 2025 से 2 फरवरी तक पुन: आपत्तियों का निराकरण किया गया।
रेल अधिनियम 1989 तथा भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के प्रावधानों के तहत 23 फरवरी 26 को परियोजना के लिए अंतिम अधिनिर्णय पारित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी एमसीबी के मुताबिक अर्जित भूमि के लिए भूमि स्वामियों को मुआवजा राशि का भुगतान जल्द किया जाएगा।
केंद्र-राज्य सरकार 17 किलोमीटर तक बिछने वाली नई रेलवे लाइन (Railway news) पर 50-50 प्रतिशत अंशदान से 241 करोड़ खर्च करेगी। इसमें रेलवे मंत्रालय के हिस्से की 50 फीसदी बजट 120.50 करोड़ और छत्तीसगढ़ सरकार के हिस्से की 50 फीसदी राशि 120.50 करोड़ बजट शामिल हैं।
मामले में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (Railway news) बिलासपुर(एसइसीआर) प्रशासन भूमिपूजन कराने के आठ साल बाद एक ईंट तक नहीं रख पाया। हालांकि, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लेकिन लेटलतीफी के कारण भूमि अधिग्रहण की प्राथमिक प्रतिकार राशि बढ़ी है, उसी तरह इतने साल बाद रेलवे प्रोजेक्ट की लागत भी बढ़ेगी।
वर्ष 2013 में 100 नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए सर्वे कराया गया था। इसमें चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट स्टेशन के बीच 10.50 किलोमीटर रेलवे लाइन भी शामिल थी। रेलवे (Railway news) ने उस समय लाइन विस्तार कराने 69 करोड़ का डीपीआर तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा था। रेलवे बजट वर्ष 2018-19 में 114 करोड़ की मंजूरी मिली थी। लेकिन स्वीकृत नई रेलवे लाइन की लंबाई 10.50 किलोमीटर की बजाय 17 किलोमीटर बढ़ाने के बाद प्रोजेक्ट की लागत 241 करोड़ मंजूरी मिली है।
मामले में 24 सितंबर 2018 को तत्कालीन रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कोरबा-हरदीबाजार की आमसभा में वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोरिया (वर्तमान में एमसीबी जिला) में पाराडोल-नागपुर हॉल्ट स्टेशन के बीच नई रेलवे लाइन बिछाने भूमिपूजन किया था। फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। रेलवे प्रशासन (Railway news) ने आठ साल बाद नागपुर-पाराडोल तक नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए जमीन अधिग्रहण करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
केंद्र और राज्य सरकार 17 किलोमीटर तक बिछने वाली नई रेलवे लाइन पर 50-50 प्रतिशत अंशदान से 241 करोड़ खर्च करेगी। प्रोजेक्ट से चिरमिरी से चलने वाली चिरमिरी, रीवा, चंदिया, भोपाल, अनूपपुर, बिलासपुर सहित 5 ट्रेनों का विस्तार अंबिकापुर तक होगा। इससे बड़ी आबादी को सेवा का लाभ मिलेगा। वर्तमान में अंबिकापुर से चलने वाली ट्रेनें नागपुर हाल्ट से सीधे बोरीडांड़ जंक्शन होकर चली जाती हैं। नई रेल लाइन (Railway news) बनने से सारी गाडिय़ां चिरमिरी और मनेद्रगढ़ से होकर चलेंगी।
Published on:
28 Feb 2026 08:28 pm
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