भिलाई

Patrika Mahila Suraksha: पत्रिका ने रक्षा टीम के साथ मिलकर सिखाए आत्मरक्षा के गुर, बैग पेन चाबी-पानी बोतल को बनाएं हथियार

Patrika Mahila Suraksha: रक्षा टीम से एएसआई संगीता मिश्रा, अनुपमा सिंह, अनुपमा बिसेन, नागेश्वरी नेताम, सुषमा चौरे शामिल रही। एएसआई संगीता मिश्रा हर माह करीब 15 कार्यक्रम करती हैं।

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Mar 08, 2025

Patrika Mahila Suraksha: महिला अपराधों पर रोकथाम के लिए पत्रिका रक्षा कवच प्रोग्राम चला रहा है। इस अभियान के तहत पत्रिका ने महिला रक्षा टीम के साथ मिलकर पोटियाकला स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के 50 से ज्यादा गर्ल्स स्टूडेंटस् को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। सेल्फ डिफेंस, बेड टच, छेड़छाड़ करने पर पुलिस को कॉल करना, घर पर जानकारी देना, अपने पास रखें समान को हथियार बनाकर इस्तेमाल करना, ऐसे तमाम गुर सीखए गए।

उन्हें बताया गया कि कभी भी किसी अनजान से दोस्ती न करें। परिवार व दोस्तों को अपने पर्सनल फोटो-विडीयो शेयर न करें। सभी को हेल्फ लाइन नंबर याद कराया गया। रक्षा टीम से एएसआई संगीता मिश्रा, अनुपमा सिंह, अनुपमा बिसेन, नागेश्वरी नेताम, सुषमा चौरे शामिल रही। एएसआई संगीता मिश्रा हर माह करीब 15 कार्यक्रम करती हैं।

स्कूल के 6 वीं से 8वीं तक के 50 से ज्यादा छात्राओं को संगीता मिश्रा ने बताया की जब आप किसी मुसीबत में फंसे तो तुरंत 112 को कॉल करें। यदि आपके पास फोन न हो या न कर पाएं तब आप अपने स्कूल बैग से सामने व्यक्ति के घुटनों पर हमला करें। सुरक्षा के लिए पेन से गले के पास, अंगूठे, सीने में और दिमाग के पास ताकत से हमला करें।

इसी तरीके से पिन और चाबी का इस्तेमाल करें। बोतल खाली हो तो ढक्कन से सीनें में खरोच करें, भरा हो तो क्रॉस करके मारे। उन्होंने सेल्फ डिफेंस के लिए हाथ पकड़ने पर छुड़ाने के तरीके, पीछे से पकड़ने पर पैर से घुटने पर हमला, सिर से पीछे व्यक्ति के नाक पर व नखून से खरोचना, दांतों से कट करना बताया।

इन चीजों का रखें ध्यान

जरूरत पड़ने पर 112 हेल्प लाइन पर कॉल करें।

चाइल्ड हेल्प के लिए 1098 नंबर पर कॉल करें।

घर के सदस्यों का नंबर याद रखें।

सुनसान रास्ते या शॉर्ट कट रास्ता न अपनाएं।

माता-पिता को भी शॉर्ट कट रास्ता के लिए सुनसान इलाकें में जाने से रोकें।

कहीं कोई छेड़-छाड़ करे तो बिना डरे जितने जोर से हो चिल्लाएं, शोर मचाएं।

महिलाएं सेटी के लिए मिर्ची का स्प्रे रखें।

जहां रहते है वहां के पुलिस थाना का नंबर रखें।

अपने पास पकड़े सामान को हथियार बनाकर सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करें।

Updated on:
08 Mar 2025 01:18 pm
Published on:
08 Mar 2025 01:15 pm
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