
Bhilai Property Tax: भिलाई नगर निगम की महापौर परिषद (एमआईसी) ने मंगलवार को संपत्ति कर में किसी भी तरह की बढ़ोतरी से इनकार कर दिया। आयुक्त ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भवन एवं भूमि के कर योग्य संपत्ति मूल्य निर्धारण का प्रस्ताव रखा था। एमआईसी सदस्यों ने इसे खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि प्रॉपर्टी टैक्स में एक प्रतिशत की भी बढ़ोतरी नहीं की जाए। इससे फिलहाल शहर के करदाताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 15 मिनी टिप्पर खरीदने का प्रस्ताव भी लंबित रखा गया। एल-1 एजेंसी 7.43 लाख रुपए प्रति वाहन की दर से कुल 1.11 करोड़ रुपए में इनकी आपूर्ति करने के लिए तैयार है। एमआईसी ने अधिकारियों को प्रकरण की दोबारा समीक्षा कर प्रस्ताव फिर से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
एमआईसी सदस्य केशव चौबे ने खराब हाथ रिक्शों के कारण घर-घर कचरा कलेक्शन प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की मांग की। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कचरा कलेक्शन नहीं होने पर संबंधित एजेंसी पर जुर्माना लगाया जा रहा है। अधिकारियों ने ई-रिक्शा की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।
रेलवे स्टेशन से नेहरू नगर अंडरब्रिज तक रेलवे लाइन के समानांतर सड़क निर्माण को मंजूरी दी गई। 2.54 करोड़ रुपए की लागत वाले इस कार्य में नाली, क्रॉस ड्रेन कलवर्ट, रिटेनिंग वॉल और स्ट्रीट लाइट का काम शामिल है। विद्युत पोल शिफ्टिंग के लिए 4.15 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा 63 लाख रुपए से अधिक के अतिरिक्त कार्यों की स्वीकृति भी दी गई।
त्योहारों के दौरान बंद रहने वाली स्ट्रीट लाइट को जल्द ठीक कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में खराब गुणवत्ता की सड़क निर्माण पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की बात भी कही गई।
संतोषीपारा स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर सर्व समाज मांगलिक भवन को 10 माह के लिए किराए पर संचालन, प्रबंधन और संधारण के लिए देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। राजस्व अधिकारी जेपी तिवारी की संविदा सेवा अवधि बढ़ाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
सीनियर पार्षद स्वर्गीय वशिष्ट नारायण मिश्रा के नाम पर मौर्या-चंद्रा अंडरब्रिज का नामकरण करने के पुराने प्रस्ताव में संशोधन किया गया है। अब पावर हाउस अंडरब्रिज के नामकरण का प्रस्ताव सामान्य सभा को भेजा गया है। अंतिम फैसला सामान्य सभा में लिया जाएगा।
एमआईसी की बैठक में महापौर नीरज पाल, एमआईसी सदस्य लक्ष्मीपति राजू, सीजू एंथोनी, आदित्य सिंह, संदीप निरंकारी, एकांश बंछोर, लालचंद वर्मा, केशव चौबे, मन्नान गफ्फार खान, चंद्रशेखर गंवई और नेहा साहू सहित निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने वाले 5 हजार वर्गफीट तक के पंडालों को अनुमति शुल्क से छूट दी गई है। हालांकि, व्यावसायिक गतिविधि होने पर शुल्क देना होगा। 5 हजार वर्गफीट से बड़े पंडालों पर 3.50 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से अनुमति शुल्क और 2 हजार रुपए सफाई शुल्क लिया जाएगा। सुरक्षा निधि वापसी योग्य होगी। पंडाल के कारण यातायात बाधित न हो, इसकी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।
बैठक के दौरान एमआईसी सदस्यों ने नाश्ता करने से इनकार कर दिया। बिल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सदस्यों ने यह निर्णय लिया।