
CEC Gyanesh Kumar: दुर्ग में सोमवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। राजीव भवन से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च कर पीएम मोदी और ज्ञानेश कुमार को लेकर नारेबाजी किए। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ज्ञानेश कुमार को देश का गद्दार का। सोशल मीडिया के जरिए इस्तीफे की मांग कर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किए गए थे। दुर्ग के अलावा जांजगीर चांपा में भी कांग्रेस नेताओं ने रैली निकालकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
पैदल मार्च में कांग्रेस नेताओं ने वोट चोर के नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेट लगाकर रोका। भारी विरोध प्रदर्शन के चलते कलेक्ट्रेट में कुछ घंटे के लिए तनाव का माहौल रहा। पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इधर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने अपने एक्स पर लिखा कि सड़क से सदन तक हम अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए मजबूती से खड़े हैं। चुनाव आयोग को किसी दल का हेडक्वार्टर नहीं बनने देंगे। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर और भिलाई के अध्यक्ष राकेश ठाकुर, धीरज बाकलीवाल, मुकेश चंद्राकर , दुर्ग शहर के पूर्व विधायक अरुण वोरा जी सहित कांग्रेस के ऊर्जावान साथीगण उपस्थित रहे।
देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने का मिल रहा है। कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। वहीं आज छत्तीसगढ़ के सभी शहरों में पैदल मार्च कर विरोध प्रदर्शन किया। रायपुर में कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत शहर अध्यक्ष ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इधर जांजगीर चांपा में कांग्रेस नेताओं ने भी जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बैनर पोस्टर लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
बलौदा बाजार जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करने निकले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कलेक्ट्रेट से करीब 500 मीटर पहले बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इसके बाद कांग्रेसियों ने मौके पर ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिससे पात्र मतदाताओं के वोट के अधिकार पर असर पड़ा है। जिसके चलते देश में निष्पक्ष चुनाव नहीं हो रहे हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि ज्ञानेश कुमार ने अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया। इसी आधार पर कांग्रेस, TMC, SP, AAP समेत कई विपक्षी दल उनके इस्तीफे/हटाने की मांग कर रहे हैं।