Crime News: नाबालिग से दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फरार टाइमकीपर कृपाशंकर कश्यप उर्फ राजू (58) को दुर्ग पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया है।
Crime News: नाबालिग से दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फरार टाइमकीपर कृपाशंकर कश्यप उर्फ राजू (58) को दुर्ग पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपने पैतृक गांव में राजनीतिक रसूख के भरोसे छिपा हुआ था, लेकिन पुलिस दबिश के दौरान उसकी यह रणनीति भी नाकाम रही।
तड़के करीब पांच बजे गरदहा थाना क्षेत्र में दबिश के दौरान पुलिस को देखते ही आरोपी दीवार फांदकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन चारों ओर से घेराबंदी कर पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
फरार आरोपी संजय पंडित रेलवे का ठेकेदार है। राजनांदगांव-डोंगरगढ़ तथा भिलाई-दुर्ग लिंक ब्लॉक स्टेशन के बीच चौथी ब्रॉडगेज लाइन के विद्युतीकरण कार्य कर रहा था। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के बाद रेलवे प्रशासन ने कार्य आदेश को निरस्त कर दिया।
पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में शामिल आरोपी बी.एन. पांडेय और ठेकेदार संजय पंडित अभी फरार हैं। दोनों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इस मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपी विजय स्वाइन, अनिल चौधरी, गोविंद सिंह नागवंशी न्यायिक हिरासत में हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की भूमिका और उनके कृत्यों की गहन जांच की जा रही है। मुख्य आरोपी कृपाशंकर कश्यप सहित अन्य आरोपियों की चल-अचल संपत्ति की भी जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि सेक्टर-5, सड़क-9, मकान क्रमांक-5 (ए) निवासी आरोपी कृपाशंकर कश्यप 31 जनवरी से फरार था। जांच के दौरान उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम राम लखनपार में मिली। डीआईजी विजय अग्रवाल के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थानीय थाना पुलिस के सहयोग से दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार किया।
आरोपी कृपाशंकर कश्यप को गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। दो आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। फरार ठेकेदार संजय पंडित के रेलवे अनुबंध को निरस्त कराने के लिए पत्राचार किया गया था, जिस पर रेलवे ने कार्रवाई की है। - विजय अग्रवाल, डीआईजी