भारत बंद को देखते हुए भिलाई-3, पॉवर हाउस, सुपेला की तमाम दुकानों को भी बंद रखा गया। ऐसे ही हालात पावर हाऊस चौक में देखने को मिले।
भिलाई. अनुसूचित जाति-जनजाति एक्ट के तहत तत्काल गिरफ्तारी पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ समाज के लोगों ने सोमवार को भारतबंद का अह्वान किया। इस मौके पर भिलाई-3 में सुबह से ही समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचकर रैली निकाली। इसकी वजह से रायपुर से दुर्ग की ओर आने वाले वाहन जाम में फंस गए। बड़ी संख्या में बैनर पोस्टर लेकर समाज के लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करते दिखे। नेशनल हाइवे में घंटों जाम की मुसीबत से लोगों को सामना करना पड़ रहा।
वाहनों की कतार भिलाई-3 से चरोदा तक रैली के पीछे नजर आ रही थी। भारत बंद को देखते हुए भिलाई-3, पॉवर हाउस, सुपेला की तमाम दुकानों को भी बंद रखा गया। ऐसे ही हालात पावर हाऊस चौक में देखने को मिले। एसएसएसटी एसोसिएशन के पदाधिकारी इस रैली का नेतृत्व कर रहे हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में दलित और आदिवासी संगठनों के भारत बंद असर सुबह से ही दिखाई देने लगा है। इस आह्वान को सफल बनाने के लिए जगह-जगह ट्रकों सहित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को ठप करने करने का प्रयास किया गया। जिसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ पुलिस के जवान चलते हुए नजर आए। ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
केंद्र सरकार आज करेगी पुनर्विचार याचिका दाखिल
केन्द्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में आज एक पुनर्विचार याचिका दायर कर एससी-एसटी के कथित उत्पीडऩ को लेकर तुरंत होने वाली गिरफ्तारी और मामले दर्ज किए जाने को प्रतिबंधित करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती देगी।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय द्वारा दाखिल किए जाने वाली इस याचिका में यह तर्क दिया जा सकता है कि कोर्ट के फैसले से एससी और एसटी एक्ट 1989 के प्रावधान कमजोर हो जाएंगे।