
BSP Scrap Theft: भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से करोड़ों रुपए के लौह स्क्रैप चोरी मामले पर अब स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के कॉरपोरेट कार्यालय की भी सीधी नजर है। सूत्रों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम की जानकारी सेल मुख्यालय ने तलब की है और कॉरपोरेट विजिलेंस भी अपने स्तर पर मामले की गोपनीय पड़ताल कर रही है। हालांकि बीएसपी प्रबंधन इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रहा है। बताया जा रहा है कि पुलिस जांच पूरी होने के बाद बीएसपी स्तर पर भी बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।
मामले में पुलिस हर पहलू की गहन जांच कर रही है। आरोप है कि फ्लू डस्ट की आड़ में करोड़ों रुपए मूल्य का लौह स्क्रैप प्लांट से बाहर निकाला जा रहा था। एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर एटीएस और भिलाई-3 थाना पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स में छापेमारी कर करीब 250 टन लौह स्क्रैप बरामद किया था, जिसके बाद कथित चोरी के सिंडिकेट का खुलासा हुआ।
जांच के दौरान बीएसपी के जीएम, इंजीनियर एसोसिएट, अन्य अधिकारियों तथा सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सीआईएसएफ के एक एसआई और दो हेड कॉन्स्टेबल के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अब पुलिस संदेह के दायरे में आए अन्य लोगों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। पूरे मामले की जांच तीन राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी में चल रही है और कानूनी पहलुओं पर तीन लोक अभियोजकों की राय भी ली जा रही है, ताकि साक्ष्य मजबूत हों और जांच में कोई चूक न रहे।
मामले के प्रमुख आरोपियों की गिरफ्तारी अब भी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। हिमांशु ब्रदर्स का संचालक हिमांशु खंडेलवाल फरार है। पुलिस को आशंका है कि वह विदेश चला गया है। वहीं आरडीके का संचालक गिरीश खंडेलवाल, ट्रांसपोर्टर अभय सिंह और गोदाम मालिक सलीम भी फरार बताए जा रहे हैं। आरोपियों की तलाश में गठित पुलिस टीम अब तक उनके उनके परिचितों समेत आधा दर्जन से अधिक संभावित ठिकानों पर दबिश दे चुकी है।
भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में कथित लौह स्क्रैप चोरी और उससे हुए नुकसान के मामले में प्रबंधन ने प्रारंभिक कार्रवाई शुरू कर दी है। आंतरिक विजिलेंस जांच के आधार पर एसएमएस-3 विभाग में पदस्थ तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। निलंबित कर्मचारियों में जीएम हिमांशु भूषण मालिक, नॉन-एक्जीक्यूटिव धनंजय वर्मा और मनोज कुमार देवांगन शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। प्रबंधन का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे भी आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।