
Chhattisgarh News: खरीफ सीजन में अधिकांश किसान खाद-बीज के लिए सहकारी समितियों पर भरोसा करते हैं। बिना ब्याज ऋण पर खरीदी और सरकारी निगरानी में खाद-बीज उपलब्ध होने के कारण समितियां किसानों की पहली पसंद रहती हैं। लेकिन इस खरीफ सीजन की प्रयोगशाला जांच ने इस भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कृषि विभाग ने गुणवत्ता जांच के लिए खाद के 252 और बीज के 475 नमूने लिए थे। खाद के अब तक जांचे गए 150 नमूनों में 13 अमानक मिले हैं। इनमें 10 नमूने सहकारी समितियों से लिए गए थे, जबकि तीन निजी विक्रेताओं के हैं।
खाद के 252 नमूनों में से अभी 102 की रिपोर्ट आना बाकी है। ऐसे में अमानक नमूनों का आंकड़ा बढ़ सकता है। चिंता की बात यह है कि खरीफ सीजन अंतिम चरण में है। यदि रिपोर्ट में देरी होती है तो किसान संबंधित खाद का खेतों में उपयोग कर चुके होंगे।
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बीज के सभी 475 नमूनों की जांच हो चुकी है, जिनमें 20 अमानक मिले। इनमें आठ सहकारी समितियों और 12 निजी विक्रेताओं के नमूने हैं। इस तरह सहकारी समितियों से मिले खाद-बीज की गुणवत्ता को लेकर बनी शुद्धता की धारणा को जांच रिपोर्ट ने झटका दिया है।
मेसर्स विद्या कृषि केंद्र, बोरी: विभागीय टीम ने 504 बोरी यूरिया, 470 बोरी एसएसपी, 44 बोरी पोटाश, 311 बोरी ऑर्गेनिक मैन्योर और 1.8 किलोग्राम बायो स्टीम्यूलेंट जब्त किया।
मेसर्स कृषि सेवा केंद्र, पाटन: किसानों से अधिक कीमत वसूलने की शिकायत पर 224 बोरी यूरिया और 45 बोरी एनपीके (20:20:0:13) जब्त किया गया। प्रकरण कलेक्टर न्यायालय भेजा गया है।
मेसर्स ऋषभराज फर्टिलाइजर: बिना अनुमति बिक्री और ओवररेटिंग के मामले में 139 बोरी यूरिया और 144 बोरी एनपीके जब्त किया गया। संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
अवैध बायो स्टीम्यूलेंट: लाइसेंस में दर्ज किए बिना अतिरिक्त स्रोत से बिक्री पर फालेन्द्र कृषि केंद्र, सेलूद से 18.5 लीटर, शीतल कृषि केंद्र, रानीतराई से 19 लीटर और देवेश साहू कृषि केंद्र, धमधा से 5 लीटर सामग्री जब्त की गई।
संदीप भोई उप संचालक कृषि, दुर्ग के मुताबिक, खाद और बीज के प्रयोगशाला जांच में अमानक पाए गए नमूनों के संबंधित विक्रेताओं और निर्माता कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। अमानक घोषित लॉट या बैच की बिक्री तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दी गई है।