भिलाई

प्रख्यात मूर्तिकार की कलाकेन्द्र में स्वरूप ले रहा है देश की सबसे बड़े क्रांतिकारी की प्रतिमा, स्थापित कर युवा महापौर पूरी करेगा अपना संकल्प

देश में स्थापित होने वाली उनकी अब तक की सबसे बड़ी प्रतिमा होगी। इसे सेक्टर-5 तालाब परिसर (सिविक सेंटर मार्केट के विपरीत) में स्थापित किया जाएगा। शहीद-ए-आजम की आदम कद प्रतिमा 25 फीट ऊंची होगी।
2 min read
Jan 06, 2020
प्रख्यात मूर्तिकार की कलाकेन्द्र में स्वरूप ले रहा है देश की सबसे बड़े क्रांतिकारी की प्रतिमा, स्थापित कर युवा महापौर पूरी करेगा अपना संकल्प
प्रख्यात मूर्तिकार की कलाकेन्द्र में स्वरूप ले रहा है देश की सबसे बड़े क्रांतिकारी की प्रतिमा, स्थापित कर युवा महापौर पूरी करेगा अपना संकल्प

शहीद-ए-आजम भगत सिंह की आदमकद प्रतिमा स्थापित होंगी भिलाई में


भिलाई . अंग्रेजी हुकुमत से आजादी दिलाने के लिए हंसते-हंसते अपनी प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह की आदमकद प्रतिमा अपने भिलाई में स्थापित होगी। यह देश में स्थापित होने वाली उनकी अब तक की सबसे बड़ी प्रतिमा होगी। इसे सेक्टर-5 तालाब परिसर (सिविक सेंटर मार्केट के विपरीत) में स्थापित किया जाएगा। शहीद-ए-आजम की आदम कद प्रतिमा 25 फीट ऊंची होगी। प्रतिमा स्थल को शहर का आकर्षण का बनाने के लिए निगम प्रशासन ने साढ़े सात करोड़ की लागत से सात एकड़ एरिया को उद्यान के रूप में डेवलपमेंट किया जाएगा। सेक्टर-5 तालाब परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
जयंती हो सकता अनावरण
28 सितंबर 2020 को अनावरण हो सकता है। प्रख्यात मूर्तिकार जेएम नेल्सन की मूर्ति कला केन्द्र में प्रतिमा आकार ले रही है। 3-4 प्रतिमा बनाने में जुटे हुए हैं।
40 फीट ऊंचा वाटर फाल
महापौर परिषद के लोक कर्म विभाग के अध्यक्ष नीरज पाल ने बताया कि शहीद-ए-आजम की प्रतिमा स्थल पर मैत्री बाग की म्यूजिकल फाउटेंन की तरह फाउटेंन होगा।

यह लेख भी लिखा जाएगा
लोगों में देशप्रेम की भावना जागृत करने के लिए शहीद भगत सिंह की कविता और लेख की शिलालेख लगाई जाएगी। शहीद-ए-आजम भगत सिंह हंसते-हंसते देश की आजादी के लिए अपनी प्राण न्यौछावर कर दिया था। शहीद भगत सिंह का जन्म पंजाब प्रांत के लायपुर जिले के बगा में 28 सितंबर 1907 को हुआ था। देश के सबसे बड़े क्रांतिकारी और अंग्रेजी हुकूमत की जड़ों को अपने साहस से झकझोर देने वाले भगत सिंह ने नौजवानों के दिलों में आजादी का जुनून भरा था। महात्मा गांधी ने जब 1922 में चौरी-चौरा कांड के बाद असहयोग आंदोलन को खत्म करने की घोषणा की थी, तो भगत सिंह का अहिंसावादी विचारधारा से मोहभंग हो गया। 1926 में देश की आजादी के लिए नौजवान भारत सभा की स्थापना की थी।

भावना जागृत करेगा स्थल
&2018 में क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह की सबसे बड़ी प्रतिमा लगाने का लगाने की घोषणा की थी। घोषणा के मुताबिक आदमकद प्रतिमा स्थापित की जा रही है। वहीं पर 100 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। जो लोगों के मन में देश प्रेम की भाव जागृत करेगा।
देवेन्द्र यादव, महापौर व विधायक

Updated on:
06 Jan 2020 12:48 pm
Published on:
06 Jan 2020 12:48 pm