
Chhattisgarh Police Transfer: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल का दौर लगातार जारी है। विभिन्न विभागों में तबादलों के बाद अब पुलिस विभाग में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) रायपुर ने बुधवार देर रात 64 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टरों) की तबादला सूची जारी की। इस सूची में दुर्ग जिले के सात निरीक्षकों का अन्य जिलों में स्थानांतरण किया गया है, जबकि तीन नए निरीक्षकों की दुर्ग जिले में पदस्थापना की गई है। इस फेरबदल को पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
PHQ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सुपेला थाना प्रभारी निरीक्षक अंबर सिंह भारद्वाज का तबादला कांकेर किया गया है। जामुल थाना प्रभारी रामेंद्र कुमार सिंह को कोंडागांव भेजा गया है, जबकि उतई थाना प्रभारी राजेश कुमार साहू को सुकमा में नई जिम्मेदारी दी गई है। खुर्सीपार थाना में पदस्थ निरीक्षक आनंद शुक्ला को बीजापुर स्थानांतरित किया गया है। वहीं ट्रैफिक शाखा में पदस्थ निरीक्षक मनीष शर्मा को दंतेवाड़ा भेजा गया है। इसके अलावा निरीक्षक श्रद्धा पाठक (मिश्रा) और वंदिता पानिकर का भी तबादला कोंडागांव कर दिया गया है।
इससे पहले 27 जून को भी दुर्ग पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए थे। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने एक साथ 10 थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए थे। उस समय एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) से लेकर जिले के कई प्रमुख थानों तक अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया था।
27 जून को जारी आदेश के तहत वैशाली नगर थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा को स्थानांतरित कर ACCU की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वहीं चर्चित स्क्रैप चोरी मामले की जांच के बाद निरीक्षक अंबर सिंह भारद्वाज को सुपेला थाना प्रभारी बनाया गया था, जिनका अब PHQ ने कांकेर तबादला कर दिया है।
इसके अलावा नियंत्रण कक्ष में पदस्थ महेश ध्रुव का एक माह के भीतर दूसरी बार तबादला करते हुए उन्हें धमधा थाना प्रभारी बनाया गया था। सुपेला थाना प्रभारी विजय यादव को पुरानी भिलाई थाना का प्रभार दिया गया था। वहीं उप निरीक्षक रामनारायण ध्रुव को छावनी थाना और उप निरीक्षक अमित अंदानी को स्मृति नगर थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अन्य अधिकारियों की भी प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार नई पदस्थापना की गई थी।
लगातार हो रहे इन तबादलों को पुलिस प्रशासन में कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाने तथा कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।