भिलाई

IAS Vs सांसद! बृजमोहन के बाद अब विजय बघेल ने की विशेषाधिकार हनन की शिकायत, बोले- अधिकारी फोन तक नहीं उठाते

Chhattisgarh News: आईएएस अधिकारी न फोन उठाते और ना ही जनहित से जुड़े मुद्दों में आपसी सहयोग करते हैं। सांसद बृजमोहन के बाद अब विजय बघेल ने विशेषाधिकार हनन की शिकायत की है..
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Aug 04, 2026
Chhattisgarh News, chhattisgarh news
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और दुर्ग सांसद विजय बघेल ( Photo - Patrika )

Durg MP Vijay Baghel: रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बाद अब दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल ने विशेषाधिकार हनन की शिकायत की है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या राज्य के अधिकारी अब जनप्रतिनिधियों की अनदेखी करने लगे हैं? लगातार दूसरा मामला सामने आने से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। दुर्ग सांसद विजय बघेल ने भिलाई नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त राजीव कुमार पांडेय और भिलाई-चरोदा नगर निगम के आयुक्त डीएस राजपूत के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार हनन की गंभीर शिकायत दर्ज कराई है।

Chhattisgarh News: बृजमोहन अग्रवाल प्रकरण से गरमाया मामला

इससे पहले रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और आईएएस अमित कटारिया का विवाद का मामला सामने आया। बताया जाता है कि सांसद अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव कटारिया पर फोन पर आपत्तिजनक व्यवहार करने की शिकायत लोकसभा अध्यक्ष से की है। लोकसभा सचिवालय भी इसकी जानकारी ले रहा है। इधर आज दुर्ग सांसद का आरोप सामने आने से राजनीतिक माहौल फिर से गरमा गया है। सांसद बघेल का आरोप है कि अधिकारी न केवल उनके फोन का जवाब नहीं देते थे, बल्कि जनहित से जुड़े मामलों में अपेक्षित सहयोग और जानकारी देने से भी कतराते थे। इस शिकायत पर लोकसभा सचिवालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य शासन और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब कर लिया है।

टकराव की ओर बढ़ती अफसरशाही

जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते अधिकारियों की इस कार्यशैली पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह प्रशासनिक और राजनीतिक मोर्चे पर एक बड़ा टकराव का रूप ले सकता है। बहरहाल, लोकसभा सचिवालय द्वारा जवाब मांगे जाने के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बोला हमला

सांसद और आईएएस विवाद में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की कमान दिल्ली और नागपुर के हाथ में है। उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल संसदीय मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि उन मतदाताओं का भी अपमान है उन्होंने उन्हें चुनकर संसद भेजा है।

बघेल बोले- जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार मतदाताओं का अपमान

बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि बृजमोहन अग्रवाल से वैचारिक असहमतियां हो सकती हैं. लेकिन वे एक चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं। देश की सबसे बड़ी पंचायत लोकसभा के सदस्य हैं। रायपुर राजधानी के सांसद हैं। उनके साथ एक प्रशासनिक अधिकारी का इस तरह का बर्ताव दर्शाता है कि प्रदेश की कमान दिल्ली और नागपुर के हाथ में हैं। इसलिए किसी अधिकारी को जनता के काम और जनप्रतिनिधि की मांग से कोई फर्क नहीं पड़ता। वे बस दिल्ली और नागपुर को खुश करके अपनी कुर्सी पर बने हुए हैं।

Updated on:
04 Aug 2026 04:02 pm
Published on:
04 Aug 2026 04:02 pm