CG News: मैत्रीबाग में युवा पर्यटकों का समूह आता है, तब अक्सर बाड़े में मौजूद झील के करीब नजर आने वाले वाइट टाइगर पर कोई छोटे पत्थर चला देता है, तो कोई लकड़ी का टुकड़ा उछाल देता है।
CG News: मैत्रीबाग में वन्य जीव अब पर्यटकों से दूरी बनाने लगे हैं। इसकी वजह है पर्यटकों द्वारा उनसे छेड़छाड़। लोग वन्य जीवों को देखने आते हैं, लेकिन बहुत लोग उनको ढेला पत्थर मारकर तंग करते हैं। यही वजह है कि लोगों को देखकर वन्य जीव उनसे दुरी बना लेते हैं। कई वन्यप्राणी तो अपने केज से बाहर ही नहीं निकल रहे हैं या उसके आसपास ही बैठ जाते हैं।
यहां तक कि वनराज शेर भी बाड़े से कम ही निकल रहे हैं। जिसके कारण पर्यटकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। मैत्रीबाग के कर्मचारियों ने बताया कि मैत्रीबाग में युवा पर्यटकों का समूह आता है, तब अक्सर बाड़े में मौजूद झील के करीब नजर आने वाले वाइट टाइगर पर कोई छोटे पत्थर चला देता है, तो कोई लकड़ी का टुकड़ा उछाल देता है। इसी तरह की हरकत दूसरे वन्य प्राणियों के साथ किया जाता है। इसकी वजह से अब पर्यटकों की भीड़ बढ़ती है, तब वाइट टाइगर अपने पिंजरे के भीतर या पेड़ की आड़ में चले जाते हैं। इस तरह से वे अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
वन्य प्राणी संवेदनशील होते हैं। पर्यटक अगर इनसे छेड़छाड़ करते हैं, तब वे लोगों को देखकर अपने कक्ष की ओर चले जाते हैं। केज में कोई पत्थर न उछाले, इसके लिए सुरक्षा कर्मी सीटी बजाकर लोगों को अलर्ट करते रहते हैं।
मैत्रीबाग में एक नोटिस पहले चस्पा है कि वन्य प्राणी संरक्षण कानून 1991 की धारा के तहत चिड़ियाघर के जानवरों को छेडऩा, खिलाना, शोर करना और किसी प्रकार से नुकसान पहुंचाना कानूनन दंडनीय अपराध है। लोग इस नोटिस को पढ़ने के बाद भी अनदेखी करते हैं।