
Durg Teachers: बच्चों के लिए पढ़ाई को आसान और रोचक बनाने के नए तरीके अपनाने वाले दुर्ग जिले के 12 शिक्षकों को इस वर्ष मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इनमें तीन शिक्षकों का चयन ज्ञानदीप पुरस्कार और नौ का शिक्षादूत पुरस्कार के लिए हुआ है। जिला स्तर पर होने वाले समारोह में पुरस्कार दिए जाएंगे। कार्यक्रम की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
धमधा विकासखंड की शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला टेमरी की शिक्षक (एलबी) स्वाती प्रसाद का चयन ज्ञानदीप पुरस्कार के लिए हुआ है। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया। इसके माध्यम से वे विषयों को गतिविधियों और सरल तरीकों से समझाने का प्रयास करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके नवाचारों को पहले भी पहचान मिल चुकी है। उन्हें बिनोबा ऐप से सम्मानित किया जा चुका है और राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न पुरस्कार-2024 भी मिला है। उनका चयन इंस्पायर अवॉर्ड के लिए भी हुआ है। उनके स्कूल के विद्यार्थियों का राष्ट्रीय प्रावीण्य परीक्षा में लगातार चयन होता रहा है।
धमधा विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला तुमाकला में पदस्थ शिक्षक (ई) राकेश हरमुख को भी ज्ञानदीप पुरस्कार के लिए चुना गया है। उन्होंने स्कूल में स्मार्ट क्लास तैयार कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बच्चों की समझ को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) तैयार करने में भी उनका योगदान रहा है। उन्हें इससे पहले विधानसभा शिक्षक सम्मान मिल चुका है।
पाटन विकासखंड की शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमेरी के शिक्षक मुकेश कुमार वर्मा भी ज्ञानदीप पुरस्कार के लिए चयनित हुए हैं। उन्होंने स्कूल में स्वच्छता को लेकर विशेष पहल की। इसके साथ ही बच्चों को सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय प्रावीण्य परीक्षा में भी अच्छा प्रदर्शन किया है।