3 सितंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Chhattisgarh Police Allowance: 70 हजार जवानों को मिलना है 5 हजार का भत्ता, फिर क्यों अटका फैसला? जानिए

Police Allowance: छत्तीसगढ़ के करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों के लिए 5 हजार रुपए प्रतिमाह के विशेष भत्ते का प्रस्ताव फिलहाल पुलिस मुख्यालय में लंबित है।
2 min read
Google source verification
Police Employees

‘स्पेशल पुलिस रिस्पॉन्स अलाउंस’ देने की अनुशंसा (फोटो सोर्स- AI)

भिलाई@अब्दुल सलाम। Police Allowance: छत्तीसगढ़ के करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों को विशेष पुलिस रिस्पॉन्स अलाउंस देने का मामला पुलिस मुख्यालय में लंबित है। वेतन-भत्तों की समीक्षा के लिए गठित समिति ने अलग-अलग भत्तों को मिलाकर आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक के अराजपत्रित पुलिसकर्मियों को पांच हजार रुपए प्रतिमाह विशेष पुलिस रिस्पॉन्स अलाउंस देने की अनुशंसा की है। पुलिस कर्मचारी संगठन अब इसे जल्द लागू करने की मांग कर रहा है।

इन भत्तों को मिलाने की अनुशंसा

समिति ने पौष्टिक आहार, वर्दी धुलाई, रायफल और अन्य निर्धारित भत्तों में बदलाव का अध्ययन किया। अनुशंसा के अनुसार वाहन भत्ते को 1,500 रुपए और वर्दी भत्ते को 4,000 रुपए करने का प्रस्ताव है। वहीं पौष्टिक आहार भत्ता 1,000 रुपए और रायफल भत्ता 1,000 रुपए करने की अनुशंसा की गई है। राशन भत्ता और एसटीएफ राशन भत्ता यथावत रखने का प्रस्ताव है। समिति ने प्रचलित आठ में से क्रमांक 4 और 7 को छोडक़र शेष भत्तों को समाप्त कर उनकी जगह 5,000 रुपए प्रतिमाह का विशेष पुलिस रिस्पॉन्स अलाउंस देने की अनुशंसा की है।

चार बैठकें हुईं, भत्तों का अध्ययन

पुलिस के अराजपत्रित अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन व भत्तों की समीक्षा के लिए 21 फरवरी 2025 को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कल्याण) की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। समिति में पुलिस मुख्यालय और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के अधिकारी शामिल थे। समिति की 25 फरवरी, 9 अप्रैल, 6 मई और 19 जून 2025 को बैठक हुई। इसमें अलग-अलग आवेदनों के साथ अन्य राज्यों में प्रचलित भत्तों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया।

1991 से नहीं हुआ पुनरीक्षण

संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दिवान का कहना है कि कई भत्ते 1991 से चले आ रहे हैं और उनका अब तक समुचित पुनरीक्षण नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि नक्सल क्षेत्र में ड्यूटी करने वाले जवानों को आज भी पुराने वेतनमान के आधार पर भत्ता मिल रहा है। जवानों को बाहर ड्यूटी पर जाने पर कई बार अपने खर्च से व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं।

समिति की प्रमुख अनुशंसाएं

  • पौष्टिक आहार भत्ता: 100 से 1,000 रुपए
  • वर्दी धुलाई भत्ता: 60 से 500 रुपए
  • रायफल भत्ता: 200/300 से 1,000 रुपए
  • राशन भत्ता: 2,000 रुपए यथावत
  • एसटीएफ राशन भत्ता: 2,200 रुपए यथावत
  • वाहन भत्ता: 100 से 1,500 रुपए
  • वर्दी भत्ता: 800 से 4,000 रुपए
  • विशेष पुलिस रिस्पॉन्स अलाउंस: 5,000 रुपए प्रतिमाह