
गणेशोत्सव-दुर्गोत्सव से पहले प्रशासन सख्त (फोटो सोर्स- इंस्टाग्राम)
Ganeshotsav-Durgotsav Guidelines: आगामी त्योहारों को लेकर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अभिजीत सिंह ने पंडाल और अस्थायी आयोजनों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। आवेदित स्थल का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा पार्किंग के लिए आरक्षित रखना होगा। यह आयोजन स्थल से 50 मीटर के भीतर होना चाहिए। फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के लिए निर्बाध रास्ता छोडऩा भी अनिवार्य होगा।
हर आयोजन से पहले पुलिस का अभिमत लेना होगा। सडक़ बाधित होने पर पुलिस की सहमति से वैकल्पिक मार्ग तय करना होगा। वैकल्पिक मार्ग नहीं होने पर अनुमति नहीं मिलेगी। बीएसपी की जमीन पर आयोजन के लिए प्रबंधन की लिखित अनुमति जरूरी होगी।
5000 वर्गफीट तक के आयोजन में कम से कम आठ सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। प्रवेश, निकास, पार्किंग और मूर्ति स्थल कैमरों की निगरानी में रहेंगे तथा तीन दिन का बैकअप रखना होगा। पंडाल के लिए फायर ऑडिट प्रमाणपत्र, अग्निशामक यंत्र, रेत और पानी की व्यवस्था जरूरी होगी। बिजली कंपनी या बीएसपी से एनओसी और अस्थायी मीटर कनेक्शन भी लेना होगा।
5000 वर्गफीट तक के आयोजन में कम से कम आठ सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। प्रवेश, निकास, पार्किंग और मूर्ति स्थल कैमरों की निगरानी में रहेंगे तथा तीन दिन का बैकअप रखना होगा। पंडाल के लिए फायर ऑडिट प्रमाणपत्र, अग्निशामक यंत्र, रेत और पानी की व्यवस्था जरूरी होगी। बिजली कंपनी या बीएसपी से एनओसी और अस्थायी मीटर कनेक्शन भी लेना होगा।
रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर नहीं बजेंगे। व्हीकल-माउंटेड साउंड सिस्टम, एम्पलीफायर और बेस प्रतिबंधित रहेंगे। आयोजन स्थल और विसर्जन मार्ग पर आतिशबाजी भी नहीं की जा सकेगी। उल्लंघन पर उपकरण जब्त कर राजसात किए जाएंगे।
नगर निगम रिसाली ने गणेशोत्सव, दुर्गोत्सव समेत धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक आयोजनों के लिए पंडाल लगाने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब आयोजकों को अनुमति शुल्क के साथ निर्धारित सुरक्षा निधि जमा करने के बाद ही पंडाल लगाने की अनुमति मिलेगी। बिना अनुमति पंडाल लगाने पर कार्रवाई होगी। बीएसपी की जमीन पर आयोजन के लिए संयंत्र प्रबंधन की अनुमति भी जरूरी होगी।
कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर निगम आयुक्त मोनिका वर्मा ने बुधवार को आदेश जारी किए। 5 हजार वर्गफीट से कम या अधिक, सभी गणेश-दुर्गा पंडालों के लिए अनुमति अनिवार्य होगी। मार्ग परिवर्तन की स्थिति में एसडीओ और संबंधित थाना प्रभारी से एनओसी लेनी होगी।
सडक़, नाली या निकाय की संपत्ति को नुकसान होने पर सुरक्षा निधि से क्षतिपूर्ति की जाएगी। मेला, मीना बाजार, गुफा और झांकी के लिए भी अलग अनुमति जरूरी होगी। डीजे प्रतिबंधित रहेगा और ध्वनि विस्तारक यंत्र मध्यम आवाज में ही बजेंगे। जबरन चंदा वसूली पर भी नजर रखी जाएगी।
Updated on:
3 Sep 2026, 3:00 PM IST
Published on:
3 Sep 2026, 3:00 PM IST
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