आवेदन से लेकर कनेक्शन पर मांगी नगद राशि, प्रशासन की सुस्ती ने बढ़ाई परेशानी
भीलवाड़ा.
उद्यान विभाग की सौर ऊर्जा योजना के नाम पर करीब १०० किसान ठगे जा चुके हैं। विभाग जिला कलक्टर को ठगी की सूचना दे चुका है। फिर भी न पंडेर थाने में मामला दर्ज हो सका व न किसानों को राहत मिल पाई। विभाग के अनुसार, सौर ऊर्जा योजना में सैकड़ों किसानों ने कृषि कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किए। किसानों से आवेदन के नाम पर 5,००० से 12 हजार रुपए तक नकद ले लिए। फिर कनेक्शन के नाम पर सवा लाख रुपए से अधिक मांगे गए। मालूम हो, ई-मित्र से आवेदन करने के मात्र 40 से 100 रुपए का खर्च आता है।
जहाजपुर के टिठोड़ी के धन्नालाल सेन, पप्पूलाल माली, रतनलाल जाट, गोपाललाल जाट, किशनलाल जाट तथा पोलूलाल तेली ने बताया कि अजमेर तिराहे पर खुद को सौर ऊर्जा कंपनी का कर्मचारी बताने वाले नरेन्द्र ने हर किसान से आवेदन के नाम पर 12-12 हजार रुपए नकद ले लिए। कनेक्शन के नाम पर 1.29 लाख रुपए और नकद मांग रहा है। असल में योजना में सदस्य सचिव एचडीएस भीलवाड़ा के नाम पर आरटीजीएस या बैंक ड्राफ्ट ही जमा होता है। किसानों की सारी पत्रावली नरेन्द्र ने स्कीम प्रभारी के सामने पेश की थी। पत्रावली के कोटेशन में किसानों के फर्जी हस्ताक्षर हैं, जिसकी शिकायत इन किसानों ने की है। नरेन्द्र न सरकारी कर्मचारी है और न सौर ऊर्जा कंपनी का प्रतिनिधि।
बिन नंबर मंजूरी
गुरला के भारत ने बताया कि मैंने मां के नाम पर 27 नवम्बर 2018 को आवेदन किया। 6 हजार रुपए लिए गए। अब कनेक्शन आने की बात कहकर 1.15 लाख रुपए मांगे जा रहे है। असल में 5 एचपी तक की मोटर के मात्र 90,००० रुपए बैंक के जरिये लिए जाते हैं। विभाग के अनुसार अब तक 15 अक्टूबर 2018 तक के आवेदन का नंबर आया है। वहीं गुरला के किसान ने 27 नवम्बर 2018 को आवेदन किया, जिसका नम्बर ही नहीं आया लेकिन उससे कनेक्शन का पैसा मांग लिया गया।
बनेड़ा के कासोरिया के किसान सत्यनारायण, घीसू, रामकुवार, माधु, घासी, संतोष तथा बाबू आदि का कहना था कि प्रत्येक ने आवेदन के साथ 15, 500 रुपए दिए। हुरड़ा के चतरपुरा के भंवर ने भी विभाग में एेसी शिकायत की है। अधिकारियों का मानना है कि जिले में सौ से अधिक किसान इसी तरह ठगे जा चुके है।
वर्जन
सौर ऊर्जा के नाम पर हो रही ठगी के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराने तथा दोषी पर कार्रवाई के लिए जिला कलक्टर को पत्र लिखा है। जिले में लगातार शिकायतें मिल रही है। 100 से अधिक किसानों ने नकद राशि दी है, जिसकी जरूरत नहीं है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच करे तो बड़ी संख्या में पीडि़त किसान सामने आ सकते हैं।
आरके मीणा, सहायक निदेशक उद्यान
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सोलर योजना में अनुदान के लिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किसी भी निजी या ई-मित्र संचालक को नकद राशि चुकाने की जरूरत नहीं है। यदि ऐसा फर्जीवाड़ा करता है तो उसके खिलाफ उद्यान विभाग में शिकायत कर सकते हैं। ऐसा लोगों के खिलाफ उद्यान विभाग मामला दर्ज कराएगा। ऐसे प्रकरण सामने आने पर दोषी के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश उद्यान विभाग को दिए हैं।
शिवप्रसाद एम नकाते, जिला कलक्टर