रमजान के पवित्र माह में वस्त्रनगरी में लगभग 4 अरब रुपए का कारोबार हुआ है
भीलवाड़ा।
रमजान के पवित्र माह में वस्त्रनगरी में लगभग 4 अरब रुपए का कारोबार हुआ है। इससे लेकर व्यापारियों में पिछले कुछ समय से चल रही परेशानी तो कम हुई है, लेकिन जीएसटी व इ-वे बिल से अब भी व्यापारी उभर नहीं पा रहे हैं। अमावस्या के साथ ही अधिकमास की समाप्ति तथा अगले कुछ समय तक मानसून के सक्रिय रहने से बाजार में थोड़ी मंदी के आसार नजर आ रहे है। इसका मुख्य कारण यार्न में लगातार तेजी को माना जा रहा है।
कॉटन में काफी तेजी देखने को मिल रही है। वस्त्रनगरी में हर माह आठ करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन होता है। रमजान के चलते कपड़ा उद्यमियों के पास अब ज्यादा स्टॉक भी नहीं है। अब केवल शादियों का सीजन शुरू होने वाला है। फुटकर कपड़ा बाजार में थोड़ी रौनक है।
अगस्त से व्यापारियों को तेजी की उम्मीद
जून-जुलाई की मंदी में कपड़ा व्यापारी रक्षाबंधन के त्यौहार की तैयारी करेंगे। जून और जुलाई सुस्त रहेगा। अगस्त के पहले सप्ताह से कपड़े की डिमांड बढऩे की संभावना है। उसके बाद नवरात्र, दीपावली की तेजी रहेगी।
सिन्थेटिक्स विविंग मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय पेडीवाल ने बताया कि हर साल जून-जुलाई में स्थिति खराब रहती है, लेकिन इस साल हालात कुछ ज्यादा ही खराब रहने की संभावना है। पिछले साल की तुलना में व्यापार इस समय कम है। इन दिनों 20 प्रतिशत ही काम रहेगा। अभी जीएसटी व इ-वे बिल के चलते व्यापारी ज्यादा परेशान है। महाराष्ट्र सरकार ने इ-वे बिल को कपड़े से हटा दिया है। जबकि राज्य सरकार को कई प्रतिवेदन देने व मिलने के बाद भई कोई राहत नहीं मिली है।
अच्छा रहा रमजान का सीजन
पिछले दो साल के मुकाबले इस साल रमजान का सीजन अच्छा रहा है। जीएसटी लागू होने से पहले व बाद में कपड़ा बाजार में हालात विपरित थे, फिर भी रमजान से कपड़ा व्यापारियों में थोड़ी जान आई है। इसके साथ स्कूल ड्रेस का सीजन भी अच्छा चला है। अब दो माह थोड़ी मंदी रहेगी। पन्द्रह अगस्त के बाद फिर बाजार में तेजी आएगी।
अतुल शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन