जिले में अब तक 4.37 लाख हैक्टेयर के मुकाबले 3.60 लाख में बुवाई
भीलवाड़ा।
बारिश में देरी से किसानों का काफी नुकसान हो चुका है। अब भी एक अच्छी बारिश की दरकार है। बारिश के आस में जिले में लगभग 3 लाख 60 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हो चुकी है। जो निर्धारित 4.37 लाख हैक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 82.46 प्रतिशत है। एक-दो दिन और बरसात नहीं हुई, तो हाथ से आखिरी मौका निकल जाएगा। बाद में बारिश होती भी है, तो नुकसान की भरपाई नहीं हो सकेगी।
कृषि विभाग को उम्मीद है कि एक अच्छी बारिश फसलों के लिए जीवनदान हो सकती है। कुछ फसलों में जो नुकसान होना था, हो चुका। अब किसानों को प्लान बदलकर ऐसी फसलें बोनी चाहिए, जिनमें कम पानी और पकने में कम समय चाहिए।
सावन बीत रहा है और खेत खाली पड़े हैं। जहां फसलें हैं, उनको बचाना मुश्किल रहा है। कहीं बंूदाबांदी तो कहीं अच्छी बारिश एक-दो बार होकर रह गई। पिछले साल इन्हीं दिनों तेज बरसात हुई थी। वर्ष 2019 और 2020 में 15 जून से 21 जुलाई के बीच तुलना में २५ प्रतिशत बरसात भी नहीं हुई। कृषि अधिकारियों का कहना है कि ज्यादा पानी वाली फसलों की बुवाई का समय लगभग गुजर चुका है। दो-तीन दिन बरसात नहीं हुई तो किसान पछेती फसल भी नहीं ले पाएंगे। अब कम पानी वाली फसलों का ही विकल्प है। उसके लिए भी उनके पास महज सप्ताहभर बचा है।
एक भी बीज अमानक नहीं निकाला
- एक अप्रेल से 23 जुलाई 2020 तक कृषि विभाग की ओर से जिलेभर में 126 बीज के, 81 खाद के तथा 18 कीटनाशकों के नमूने लिए गए। इनमें से एक की भी रिपोर्ट नहीं आई है।
- पिछले साल 2019-20 में 221 बीज के, 870 खाद के तथा 68 कीटनाशक के नमूने लिए थे। इनमें केवल कीटनाशक दवा का नमूना अमानक पाया गया है। यह नमूना गुलाबपुरा के कृषि अधिकारी मुकेश वर्मा ने लिया था।
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जिले में बुवाई का लक्ष्य व अब तक की गई बुवाई की स्थिति
फसल हैक्टेयर बुवाई
मक्का165000 163114
ज्वार 57000 38253
बाजरा 3000 1091
उड़द 65000 40461
मूंग 15000 13300
मूंगफली 10000 10919
तील 11000 7815
सोयाबीन 6000 5882
ग्वार 12000 5844
कपास 42000 35684
अन्य 51000 37999
योग 437000 360362