
भीलवाड़ा।
सरकार डिजिटलाइजेशन के जरिए अनियमितताएं कम करना चाहती है, लेकिन सरकारी विभागों में नित नए तरीके ईजाद कर अनियमितताएं की जाने लगी है। एेसे ही खदानों से बाहर माल भेजने में गड़बड़ी के लिए नया रास्ता निकाला गया है। इसे लेकर विभाग ने सतर्क रहने के आदेश जारी किए हैं। प्रदेश की खदानों से मिनरल बाहर भेजने पर ई-रवन्ना जरूरी है। यह ई-रवन्ना लीजधारक स्तर पर ही बन रहा है।
खान विभाग ने प्रदेश में चैकिंग के दौरान इसमें बड़ी अनियमितता का खुलासा किया है। इसमें सामने आया कि संबंधित लीजधारक ई-रवन्ना में गड़बड़ कर सरकार को रॉयल्टी का नुकसान पहुंचा रहे हैं। सामने आया कि कम रॉयल्टी दर के खनिज का ई-रवन्ना जारी करके अधिक रॉयल्टी दर वाले खनिज को बाहर भेजा जा रहा है।
इससे विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है। एेसे में अब वाहनों की जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि ई-रवन्ना में जो मिनरल अंकित किया गया है वही मिनरल संबंधित वाहन में है या नहीं।खान एवं पेट्रोलियम विभाग की शासन सचिव अपर्णा अरोड़ा ने सभी खान अधिकारियों को एेसा होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए है। इसमें वाहन का निरीक्षण कर इसकी रिपोर्ट अलग से तैयार करनी होगी।
वाहनों की एंट्री में भी गड़बड़
खान विभाग में कुछ ई-रवन्ना का विश्लेक्षण किया है। इसमें अंकित वाहनों की जांच भी की गई। आरटीओ की वेबसाइट की किए गए जांच में कुछ वाहन संदेहास्पद पाए गए है। ई-रवन्ना जनरेशन के तहत अंकित वाहन का प्रकार मूल रजिस्टे्रशन से भिन्न है। कई वाहनों का मल्टीपल रजिस्ट्रेशन भी पाया गया। एेसे में अब वाहनों की जांच के दौरान पंजीयन प्रमाण पत्र मंगवाकर देखा जाए। एेसी अनियमितता होने पर दोषी पट्टाधारी के खिलाफ कार्रवाई कर पट्टा निरस्त किया जाए।
खान निदेशक ने सभी को चेताया
खदानों से बाहर माल भेजने पर ई-रवन्ना में हो रही गड़बड़ी पर खान एवं भू विज्ञान विभाग के निदेशक डीएस मारू ने सभी विभागीय अधिकारियों को चेताया है। साथ ही ई-रवन्ना जैसे ऑनलाइन सिस्टम में भी इतनी गड़बडि़यां होने पर इसे गंभीरता से लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि कई जिलों में जांच के दौरान एेसी गड़बडि़यां सामने आई थी। इस कारण सभी को अलर्ट किया है।ई-रवन्ना में कम रॉयल्टी का मिनरल दिखा बाहर भेज रहे महंगा माल