
Bhilwara Coaching Centers Sealed: भीलवाड़ा: दिल्ली और लखनऊ अग्निकांड की भीषण विभीषिका और उसमें गई मासूम जानों की दर्दनाक घटनाओं के बाद अब स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इन हादसों से कड़ा सबक लेते हुए भीलवाड़ा नगर निगम इन दिनों पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। शहर में बिना पुख्ता अग्निशमन इंतजामों और नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से चल रहे व्यावसायिक संस्थानों के खिलाफ निगम ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में लगातार दूसरे दिन भीलवाड़ा के दमकल दस्ते ने फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर कड़ा प्रहार किया।
बुधवार को नगर निगम की टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए तीन नामचीन रेस्टोरेंट और तीन बड़े कोचिंग इंस्टीट्यूट समेत कुल सात व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सीज कर उन पर ताला जड़ दिया। इससे पहले मंगलवार को भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए होटल और कोचिंग इंस्टीट्यूट सहित पांच अन्य संस्थानों को सीज किया था। लगातार हो रही इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से शहर के होटल, रेस्टोरेंट, कोचिंग संचालकों के साथ-साथ निजी चिकित्सालयों के प्रबंधन में भी भारी हड़कंप मचा हुआ है।
नगर निगम के आयुक्त हेमाराम चौधरी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन किसी भी सूरत में आमजन की जान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीज किए गए इन सभी संबंधित संस्थानों को निगम की ओर से पहले ही दो-दो बार वैधानिक नोटिस जारी कर चेतावनी दी जा चुकी थी।
उन्हें सख्त निर्देश दिए गए थे कि वे अपने-अपने भवनों में आग से बचाव के लिए सभी आवश्यक अग्निशमन उपकरण (फायर फाइटिंग सिस्टम) स्थापित करें और नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करें। लेकिन इसके बावजूद इन संचालकों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी और उन्होंने नियमों का पूरी तरह उल्लंघन जारी रखा। संचालकों की इसी लापरवाही को देखते हुए आखिरकार प्रशासन को सीजिंग का यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
जिला दमकल अधिकारी छोटूराम की अगुवाई में गठित की गई विभागीय टीमों ने बुधवार को शहर के विभिन्न इलाकों में औचक दबिश देकर सीजिंग की इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासन द्वारा सीज किए गए संस्थानों की सूची इस प्रकार है।
इस अचानक हुई कार्रवाई के कारण कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में पढ़ने आए छात्र-छात्राओं को भारी निराशा का सामना करना पड़ा। संस्थान सीज होने की वजह से बच्चों को बिना पढ़ाई किए ही वापस अपने घरों को लौटना पड़ा। दमकल अधिकारी छोटूराम ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए बताया कि जिन भी प्रतिष्ठानों को सीज किया गया है, वे अब सीधे तौर पर अपना संचालन शुरू नहीं कर पाएंगे। इन्हें दोबारा काम शुरू करने के लिए नगर निगम में बिल्कुल नए सिरे से आवेदन करना होगा।
इसके बाद निगम और दमकल विभाग की टीम मौके पर जाकर नियमानुसार बारीकी से निरीक्षण करेगी। जब टीम पूरी तरह आश्वस्त हो जाएगी कि संस्थान में फायर सेफ्टी के सभी मानक पूरे हैं, तभी उन्हें आगे संचालन की अनुमति (NOC) दी जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि भविष्य में किसी भी अग्निकांड जैसी अनहोनी को रोकने के लिए अब भीलवाड़ा में नियमों की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।