होटलों की तर्ज पर अब सरकारी स्कूलों को भी स्टार रैटिंग दी जाने लगी है
भीलवाड़ा।
होटलों की तर्ज पर अब सरकारी स्कूलों को भी स्टार रैटिंग दी जाने लगी है। शिक्षा विभाग की इस पहल पर प्रदेश के 2267 स्कूलों को फाइव स्टार स्कूल का दर्जा दिया गया है। खुशी की बात है कि इसमें जिले के 92 स्कूल शामिल हैं। यह स्कूल एेसे हैं जो निजी स्कूलों के समकक्ष सुविधाएं दे रहे हैं और इनका परिणाम भी अव्वल है। इस रेटिंग में भीलवाड़ा का प्रदेश में दसवां स्थान आया है।
पहले स्थान पर झुंझुनूं, दूसरे पर सीकर व तीसरे पर नागौर रहा है। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के बच्चों व शिक्षकों का हौसला बढ़ाने के लिए स्टार रैटिंग शुरू की। विभाग का मानना है कि इससे स्कूलों के नवाचार सामने आएंगे। साथ ही और भी स्कूल अच्छा काम करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इस कारण यह पहल की गई है।
इसलिए दी जाती है रैटिंग
जिन सरकारी स्कूलों का परिणाम 80 फीसदी से ज्यादा हो तथा स्टाफ पूरा होना चाहिए। साथ ही स्कूल में खेल मैदान, चारदीवारी, पानी की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। स्कूल में पोषाहार वितरण आदि अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। परिणाम के साथ ही वहां कुछ नवाचार होने पर यह रैटिंग दी जाती है।
प्रदेश में टॉप टेन जिले
झुंझुनूं के 248, नागौर के 217, सीकर के 189, जयपुर के 157, जोधपुर के 141, अलवर के 128, चूरू के 123, बाड़मेर के 122, हनुमानगढ़ के 97 व भीलवाड़ा के 92 स्कूल है। भरतपुर के 85, श्रीगंगानगर के 84, अजमेर के 74, जालोर के 72, बीकानेर के 70, टोंक 52, दौसा 51, झालावाड़ व पाली 39-39, जैसलमेर 37, चित्तौड़ 34, डूंगरपुर 32, उदयपुर 27, राजसमंद 25, बारां 21, बांसवाड़ा 20, सवाईमाधोपुर 20, धौलपुर 15, कोटा 14, करौली 13, प्रतापगढ़ 11, सिरोही व बूंदी के 9-9 स्कूल को फाइव स्टार रैटिंग मिली है।
जिले के 92 स्कूलों को फाइव स्टार रैटिंग मिली है। सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे निरीक्षण पर जाने के दौरान उन सभी बिंदूओं को शामिल करें जो स्कूल को सर्वश्रेष्ठ बनाता है। बेहतर परिणाम के साथ विद्यार्थियों के पर्सनालिटी डवलपमेंट पर भी काम होना चाहिए।
शुचि त्यागी, जिला कलक्टर