
Rajasthan Crime : भीलवाड़ा. शहर के कमला कांकरिया हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले के चौथे आरोपी कालू उर्फ रघुवीर तापड़िया को पुलिस ने अमरगढ़ के जंगलों से गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी और चाचा रवि तापड़िया पर पुलिस का शिकंजा कसते ही कालू 27 अक्टूबर को शहर छोड़कर जयपुर भाग गया था। दो दिनों तक जयपुर के सुनसान इलाकों में भटकने के बाद वह बस के जरिए शाहपुरा होते हुए काछोला पहुंचा, जहां उसने अमरगढ़ के जंगलों और एक भैरवनाथ मंदिर को ठिकाना बनाया। वह दिनभर जंगलों में छिपा रहता था और रात ढलते ही मंदिर में शरण ले लेता था।
फरारी के दौरान आरोपी ने मंगलवार को एक राहगीर की मदद लेकर उसके मोबाइल से भीलवाड़ा में अपने किसी करीबी को फोन मिलाया। यही कॉल उसकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई। पुलिस के मुखबिरों को इस बातचीत की भनक लग गई और साइबर टीम ने तुरंत लोकेशन ट्रेस कर ली। सूचना मिलते ही पुलिस ने कोटा क्षेत्र और अमरगढ़ के जंगलों में तलाशी अभियान चलाया। पुलिस की आहट पर आरोपी ने भागने की कोशिश भी की, लेकिन भागते समय गिरकर जख्मी होने के कारण उसे दबोच लिया।
डीएसपी सज्जन सिंह के अनुसार कार्यवाहक थाना प्रभारी अमरचंद की टीम बुधवार देर शाम आरोपी को भीमगंज थाने ले आई। गुरुवार को उसे अदालत में पेश कर छह दिन का रिमांड लिया। रिमांड के दौरान आरोपी से मिली जानकारियों के आधार पर जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी को कोर्ट से थाने ले जाते समय बाहेती की धर्मशाला के पास पुलिस की जीप खराब हो गई। इसके बाद पुलिस टीम आरोपी को पैदल ही सहारा देकर थाने तक ले गई।
प्रारंभिक पूछताछ में कालू ने अपने चाचा रवि तापड़िया के साथ मिलकर कमला देवी का शव जलाने में सहयोग करने की बात कबूल की है। उसने हड्डियां इकट्ठा कर उन्हें नदी-नाले में फेंकने में भी सहयोग किया था। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपी से वारदात स्थल की तस्दीक करवाएगी। इसके साथ ही कमला कांकरिया हत्याकांड में उसकी भूमिका, अन्य सहयोगियों की संलिप्तता और सबूत मिटाने से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी।