
भीलवाड़ा। भीलवाड़ा शहर के बहुचर्चित कमला देवी कांकरिया हत्याकांड में मुख्य आरोपी रवि तापड़िया ने पुलिस पूछताछ में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे किए हैं। सुभाषनगर स्थित बड़ी पुलिया के पास प्रथम मंजिला मकान की छत पर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए पूरी तैयारी के साथ छत पर ही महिला का अंतिम संस्कार करने की नाकाम साजिश रची।
तापड़िया ने खुलासा किया कि कमला देवी के शव को पहले कंबल में लपेटा गया और पूरे कंबल को पेट्रोल से भिगो दिया। इसके बाद छत पर सवा क्विंटल लकड़ियां एकत्र कर चिता तैयार की। आरोपी ने हवन सामग्री, घी और एक पूरा पीपा पेट्रोल छिड़ककर शव को आग के हवाले कर दिया। करीब ढाई घंटे तक शव छत पर दहकता रहा। इस खौफनाक मंजर के दौरान आरोपी रवि खुद हाथ में लाठी लेकर लकड़ियों को कुरेदता रहा और कपाल क्रिया की तर्ज पर सिर के हिस्से में बार-बार घी व पेट्रोल डालता रहा।
वारदात के बाद आरोपी ने मकान की छत पर 40 लोगों की मटन पार्टी की। शव के टुकड़े कर मटन पार्टी में परोसने की आशंका सामने आई, हालांकि जांच में इसकी पुख्ता पुष्टि नहीं हो सकी। आरोपी रवि के बयान पुलिस को लगातार भ्रमित ही करते रहे। आरोपियों ने हत्या करने, राख ठंडी होने के बाद हड्डियों और जले कोयले को बोरियों में भरकर कोठारी नदी तथा पांडु नाले में फेंक देने की बात कबूल की।
प्रकरण में मुख्य आरोपी रवि तापड़िया के भतीजे एवं मुख्य सहयोगी कालू तापड़िया की तलाश कर रही है। कालू की गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड की कई गुत्थी के भी सुलझ कर सामने आने की संभावना है।
भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी की टीम ने सात दिन का पुलिस रिमांड समाप्त होने पर मुख्य आरोपी रवि तापड़िया और उसके साथी हीरा सिंधी को अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया। मामले के तीसरे आरोपी आर्यन उर्फ चूचा को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस अब फरार चौथे आरोपी कालू की सरगर्मी से तलाश कर रही है। इसकी शव को ठिकाने लगाने में मुख्य भूमिका रही।