
राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भीलवाड़ा जिले में एक और कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले के करेड़ा क्षेत्र में तैनात एक पटवारी को एसीबी की टीम ने परिवादी से रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई करेड़ा कस्बे के मुख्य चावंडा चौक पर हुई, जहां पटवारी परिवादी को पैसे लेकर बुलाने की गलती कर बैठा। एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई से भीलवाड़ा के राजस्व विभाग और प्रशासनिक महकमों में हड़कंप मच गया है।
एसीबी की भीलवाड़ा इकाई से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले के परिवादी चिलेश्वर निवासी भगवान बलाई हैं। भगवान बलाई के पिता की मृत्यु हो जाने के बाद उनकी कृषि भूमि की विरासत का नामांतरण खोला जाना आवश्यक था, ताकि जमीन परिवार के नाम ट्रांसफर हो सके। पटवारी द्वारा पीड़ित को प्रताड़ित करने और सौदेबाजी की पूरी कड़ियां इस प्रकार हैं:
पहले मांगी 10 हजार रुपए की घूस: जब भगवान बलाई ने अपने हल्के के पटवारी लोकेश शर्मा से मुलाकात की, तो पटवारी ने नियमानुसार काम करने के बजाय सीधे तौर पर 10 हजार रुपए की विधिक रूप से अवैध घूस राशि की डिमांड रख दी।
8 हजार रुपए में तय हुआ सौदा: पीड़ित की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उसने मान-मनुहार की, जिसके बाद पटवारी लोकेश शर्मा 8 हजार रुपए की कुल रिश्वत राशि लेने पर सहमत हो गया।
किस्तों में ली जा रही थी घूस: पीड़ित भगवान बलाई ने काम करवाने की मजबूरी में 5 हजार रुपए की पहली किस्त पटवारी को पहले ही सौंप दी थी। इसके बाद पटवारी ने फिर से दबाव बनाकर 2 हजार रुपए की दूसरी किस्त भी वसूल कर ली थी।
कुल 8 हजार रुपए के सौदे में से 7 हजार रुपए डकारने के बाद भी पटवारी लोकेश शर्मा का पेट नहीं भरा। उसने बचे हुए अंतिम 1 हजार रुपए देने के लिए परिवादी भगवान बलाई पर लगातार दबाव बनाना जारी रखा। परेशान होकर परिवादी ने इसकी विधिक शिकायत एसीबी के भीलवाड़ा कार्यालय में दर्ज करवा दी।
एसीबी की टीम ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन करवाया, जिसमें पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि पूरी तरह सही पाई गई। इसके बाद ट्रैप की विधिक योजना तैयार की गई।
पटवारी लोकेश शर्मा ने बचे हुए 1 हजार रुपए लेने के लिए परिवादी भगवान बलाई को फोन किया और उसे करेड़ा कस्बे के व्यस्त 'चावंडा चौक' पर आकर पैसे देने को कहा। पटवारी को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि एसीबी की टीम ने चौक पर पहले से ही सादा कपड़ों में अपना जाल बिछा रखा है।
जैसे ही पटवारी लोकेश शर्मा तय समय पर चावंडा चौक पर पहुंचा, परिवादी भगवान बलाई ने एसीबी द्वारा दिए गए केमिकल युक्त 1 हजार रुपए के नोट पटवारी को सौंप दिए।
जेब में रखे पैसे और पकड़ा गया: पटवारी लोकेश शर्मा ने चौक पर चारों तरफ नजर घुमाई और पैसे लेकर तुरंत अपने पहने हुए लोवर की जेब के अंदर रख लिए। इसी दौरान इशारा मिलते ही एसीबी की टीम ने चारों तरफ से घेरा बनाकर पटवारी को रंगे हाथों दबोच लिया।
हाथ धुलाने पर गुलाबी हुआ पानी: विधिक प्रक्रिया के तहत जब एसीबी की टीम ने आरोपी पटवारी के हाथों को केमिकल युक्त पानी से धुलवाया, तो पानी का रंग तुरंत गुलाबी हो गया। इसके साथ ही पटवारी के लोवर की जेब की परत को धुलवाने पर भी रासायनिक रंग बदल गया, जो रिश्वत लेने का सबसे बड़ा विधिक वैज्ञानिक साक्ष्य है।
मुकदमा दर्ज और सर्च जारी: एसीबी की टीम ने रिश्वत की 1 हजार रुपए की राशि आरोपी के पास से विधिक रूप से बरामद कर ली है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी पटवारी लोकेश शर्मा को हिरासत में ले लिया गया है और उसके अन्य ठिकानों व आवास की भी तलाशी ली जा रही है।