
भीलवाड़ा शाहपुरा। नरसिंहपुरा गांव में 2 अगस्त 2023 को हुए चर्चित कोटड़ी कोयला भट्टी कांड की गूंज फिर सुनाई देने लगी है। इस हत्याकांड में एक नाबालिग जिंदा कोयला भट्टी में झोंक दिया गया था। घटना के करीब तीन साल बाद जिला प्रशासन ने 22 जुलाई को तत्कालीन गिरड़िया हल्के के पटवारी हरदेव बैरवा को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व कर्मचारियों में आक्रोश है।
राजस्थान कानूनगो एवं पटवार संघ तथा कर्मचारी-अधिकारी विकास संस्थान ने प्रशासन के इस कदम को एकतरफा व अन्यायपूर्ण बताते हुए आंदोलन की घोषणा की है। पटवार संघ की आपात बैठक में निर्णय किया गया कि सोमवार को जिलेभर के सभी उपखंड मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर उपखंड अधिकारियों के माध्यम से जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने बर्खास्तगी पर पुनर्विचार नहीं किया, तो बुधवार से भीलवाड़ा जिले के सभी पटवारी व कानूनगो अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करेंगे।
इससे जमीन नामांतरण, सीमांकन और फसल गिरदावरी जैसे महत्त्वपूर्ण काम ठप होने की आशंका है। दूसरी ओर, बर्खास्त पटवारी हरदेव बैरवा ने वीडियो संदेश जारी कर आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट में उन्हें निर्दोष माना गया था, फिर भी जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई की। हृदय रोग से पीड़ित बैरवा ने बताया कि वे 1 जून 2026 को ही बोरड़ा (कोटड़ी) में तैनात हुए थे।
बर्खास्त पटवारी हरदेव बैरवा ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर आरोप लगाया कि तहसील और उपखंड प्रशासन की जांच रिपोर्ट में उन्हें निर्दोष माना गया था, फिर भी जिला प्रशासन ने उन्हें बलि का बकरा बना दिया। बैरवा ने बताया कि वे हृदय रोग से पीड़ित हैं और 1 जून 2026 को ही बोरड़ा (कोटड़ी) में तैनात हुए थे, लेकिन दो माह से भी कम समय में उन्हें सेवा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
शाहपुरा अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेश संयुक्त सचिव रामधन बैरवा ने मुख्यमंत्री सहित जिला कलक्टर को पत्र भेजकर पटवारी हरदेव बैरवा की बर्खास्तगी के आदेश पर पुनर्विचार कर उन्हें पुनः सेवा में बहाल करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि जांच में समय पर अतिक्रमण रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करना लापरवाही माना गया था लेकिन सेवा से बर्खास्त करना अत्यधिक कठोर दंड है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो कर्मचारी संगठन आंदोलन करेंगे।