
भीलवाड़ा। पंचायत चुनाव के तहत ग्राम पंचायतों में मतदान के तुरंत बाद हुई मतगणना में निर्वाचन तंत्र की बड़ी चूक सामने आई है। मांडल पंचायत समिति की घोड़ास ग्राम पंचायत में बीती रात सरपंच पद की मतगणना के दौरान कुछ मतपत्र बिना गिने ही छूट गए और आनन-फानन में चुनाव परिणाम जारी कर दिया गया। जब रिटर्निंग अधिकारी को इस सांख्यिकी त्रुटि का अहसास हुआ और उन्होंने भूल सुधारते हुए प्रत्याशियों को वापस बुलाया, तो केंद्र पर भारी हंगामा खड़ा हो गया।
परिणाम जारी होने के बाद दोबारा बुलाए जाने पर अभ्यर्थियों और उनके समर्थकों का सब्र टूट गया। प्रत्याशियों ने मतगणना की निष्पक्षता और पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए तरह-तरह के गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए। माहौल गरमाते देख मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अमले ने मोर्चा संभाला। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से लंबी समझाइश की और प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट कर काफी मशक्कत के बाद देर रात मामले को शांत कराया।
घोड़ास में उपजे चुनावी विवाद पर उपखंड प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। मांडल के उपखंड अधिकारी पुखराज कासोटिया ने बताया कि मतगणना के दौरान सांख्यिकी गणना में मानवीय त्रुटि के चलते कुछ मतपत्र छूट गए थे। मौजूद रिटर्निंग अधिकारी से हुई इस भूल के कारण मौके पर व्यवधान उत्पन्न हुआ था। एसडीएम के अनुसार छूटे हुए मतपत्रों की संख्या इतनी नहीं थी कि उससे घोषित परिणाम के अंतर या जीत-हार पर कोई असर पड़ता।
ग्रामीण क्षेत्र घोड़ास में देर रात तक चली मतगणना के दौरान हुई इस प्रशासनिक चूक को लेकर राजनीतिक हलकों और ग्रामीणों में खासी चर्चा रही।
इधर, मांडल उपखंड मुख्यालय की ग्राम पंचायत मांडल से सरपंच पद पर विजयी रहीं ज्योति सुवालका ने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। ज्योति सुवालका ने जिले में सर्वाधिक मतों से जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया है। वहीं राजनीतिक गलियारों में यह कयास भी लगाए जा रहे है कि यह इस चुनाव में राजस्थान राज्य की सबसे बड़ी जीत हो सकती है। हालांकि सरपंच को कहां कितने मत मिले इसके आंकड़े अभी सामने नहीं आए है। चुनाव परिणामों की घोषणा के साथ ही सुवालका के समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।
प्रचंड बहुमत के साथ मिली इस जीत ने क्षेत्र में सुवालका के मजबूत जनाधार पर मुहर लगा दी है। परिणाम आने के बाद नवनिर्वाचित सरपंच ज्योति सुवालका ने ग्राम पंचायत की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत ग्राम की जनता के अटूट विश्वास की जीत है। उन्होंने अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायत के सर्वांगीण विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और पारदर्शी प्रशासन के लिए वे सदैव कटिबद्ध रहेंगी।
कुल मतदाताः 13,047
कुल मतदानः 10,183
मत मिले: 5,683
जीत का अंतरः 3,474