-निवेश प्रोत्साहन योजना का नाम बदल कर जारी की टेक्सटाइल पॉलिसी -दोनो में अंतर नहीं, विद्युत दरों में अनुदान की घोषणा नहीं
Bhilwara news : सरकार ने टेक्सटाइल उद्योग में निवेश के लिए राजस्थान टेक्सटाइल एंड अपैरल पॉलिसी जारी की। असल में 8 अक्टूबर को जारी राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना भी ऐसी ही है। यानी निवेश प्रोत्साहन योजना को बिना बदलाव के टेक्सटाइल एंड अपैरल पॉलिसी के नाम से फिर जारी कर दिया। दोनों पॉलिसी में अंतर नहीं है। इससे टेक्सटाइल उद्यमी निराश हैं। सरकार के जारी ड्राफ्ट के दौरान मांगे सुझाव को नहीं मानते हुए ड्राफ्ट में से भी अनुदान को कर दिया गया है। पॉलिसी का उद्यमियों ने अध्ययन किया तो यह तथ्य सामने आए। हालांकि नए उद्योेग लगाने पर विद्युत कर, भूमि कर, स्टांप ड्यूटी व भूमि रूपातंरण में शत-प्रतिशत छूट 7 वर्ष के लिए मिलेगी। जो पहले से ही देय है। पॉलिसी में विद्युत दरों में अनुदान नहीं दिया है। अन्य राज्यों में एक से तीन रुपए तक प्रति यूनिट का अनुदान है।
पॉलिसी का उदे्दश्य पांच साल में 10 हजार करोड़ का निवेश तथा 2 लाख रोजगार सृजन। इसमें तीन तरह के अनुदान की घोषणा की। उसमें किसी एक का चयन करना होगा। इनमें निवेश अनुदान, केपिटल सब्सिडी या टर्नऑवर इंसेटिव शामिल हैं।
अनुदान व प्रावधान
थ्रस्ट बूस्टर या एंकर बूस्टर या ब्याज पुनर्भरण