भीलवाड़ा

भीलवाड़ा की कोठारी नदी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई, 46 से अधिक अतिक्रमण हटाए

राजस्थान पत्रिका की मुहिम का असर : रिवर फ्रंट की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नदी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई कर करीब साढ़े छह किलोमीटर की लम्बाई में 46 से अधिक कच्चे-पक्के अतिक्रमण हटाए

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भीलवाड़ा की कोठारी नदी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई, 46 से अधिक अतिक्रमण हटाए

भीलवाड़ा.

टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा से गुजर रही कोठारी नदी ने सोमवार को अतिक्रमण मुक्त हवा में सांस ली है। नगर विकास न्यास ने रिवर फ्रंट की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नदी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई कर करीब साढ़े छह किलोमीटर की लम्बाई में 46 से अधिक कच्चे-पक्के अतिक्रमण हटाए। अतिक्रमण हटाने के साथ ही न्यास ने नदी के किनारों पर फेंसिंग करवाना शुरू कर दिया है, ताकि नदी में दुबारा अतिक्रमण नहीं हो।

न्यास की ओर से पर्यावरण संरक्षण एवं सौन्दर्यकरण की दृष्टि के नदी के दोनों किनारों पर करीब साढ़े 6 किलोमीटर की लम्बाई में सवा लाख पौधे लगाने की योजना है। ग्रीन पट्टिका विकसित करने बाद न्यास की ओर से नदी में रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। ज्ञात है कि एनजीटी के निर्देश पर जिला कलक्टर आशीष मोदी ने गत दिनों कोठारी नदी का जायजा लिया था। तब कलक्टर ने अतिक्रमण चिह्नित करवाकर नदी के संरक्षण के निर्देश दिए थे। उसकी पालना में सोमवार को न्यास सचिव रजनी माधीवाल की अगुवाई में न्यास व नगर परिषद के दलों की ओर से अतिक्रमण हटाने की संयुक्त कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस उप अधीक्षक रामचन्द्र चौधरी व भारी पुलिस बल मौजूद रहा।

नगर परिषद के साथ मिलकर कार्रवाई-

न्यास ने यह बड़ी कार्रवाई नगर परिषद के साथ मिलकर की है। आयुक्त दुर्गाकुमारी के निर्देश पर नगर परिषद का लवाजमा भी पूरे दिन कार्रवाई में जुटा रहा। परिषद के दल ने नदी किनारे सड़क एवं नदी क्षेत्र से कई जगह से अतिक्रमण हटाए।

कार्रवाई के दौरान विरोध भी हुआ-

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध भी किया। अधिकारियों से नोंक-झोंक भी हुई। नदी के पेटे में की जा रही खेती की सुरक्षा के लिए लगाई फेंसिंग भी हटा दी गई।

कार्रवाई : एक नजर

-100 से ज्यादा पुलिस जवान एवं 35 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी कार्रवाई में शामिल रहे।

-46 से अधिक कच्चे-पक्के अतिक्रमण कोठारी नदी क्षेत्र से हटाए, जारी रहेगी कार्रवाई।

-6 जेसीबी और 5 ट्रैक्टर ट्रॉलियों की ली गई मदद ।

-9 घंटे चली कार्रवाई, छुटपुट विरोध का करना पड़ा सामना।

आस्था स्थल को तोड़ने पर धरने पर बैठे लोग-

कार्रवाई के दौरान जोधड़ास चौराहे के निकट कोठारी नदी की सीमा में बने चबूतरानुमा आस्था स्थल को तोड़ने के बाद शाम को माहौल गरमा गया। कार्रवाई का विरोध जताते हुए शाम को कई लोग मौके पर जुट गए। उन्होंने न्यास के खिलाफ प्रदर्शन किया। सूचना पाकर विधायक विठलशंकर अवस्थी, पूर्व मंत्री कालूलाल गुर्जर , उदयलाल भडाना पहुंच गए और लोगों के साथ धरने पर बैठ गए। लोगों का कहना रहा कि आस्था का स्थल कई सालों पुराना है, इसे क्यों तोड़ा गया। सूचना पर न्यास व पुलिस के आला अधिकारी भी पहुंचे। उपखण्ड अधिकारी पूजा सक्सेना भी मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने लोगों से समझाइश की। लोगों ने आस्था स्थल का पुन: निर्माण करवाने की मांग रखी। देर शाम न्यास व धरने पर बैठे लोगों के बीच पुन: निर्माण की सहमति बन गई।

जारी रहेगी कार्रवाई-

न्यास व नगर परिषद की ओर से कोठारी नदी में अतिक्रमण हटाने एवं फेंसिंग करने की कार्रवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी। न्यास सचिव के अनुसार एनजीटी के आदेशों की पालना में नदी को अतिक्रमण मुक्त कर संरक्षित करना है।

झाडि़यों में मिले 14 ट्री-गार्ड-

अतिक्रमण हटाने के दौरान झाड़ी में छिपाकर रखे 14 ट्री-गार्ड मिले, जिसे टीम ने जब्त कर लिया। वहां मौजूद कैलाश माली ने बताया कि ये ट्री-गार्ड पौधे लगाने के लिए न्यास से मंगवाए थे। उधर, नगर परिषद के अधिशासी अभियंता सूर्यप्रकाश संचेती के नेतृत्व में दस्ते ने सांगानेर में नई पुलिया से आगे नदी किनारे से बाड़ों से तारबंदी हटाई। यहां फसलें बो रखी थी।

पहले विरोध किया, फिर सामान भरकर ले गए-

कोठारी नदी किनारे झोपडि़यों में रहने वाले लोग न्यास की कार्रवाई का विरेाध करते हुए कहने लगे कि वे कहां रहेंगे। कार्रवाई नहीं रूकी तो दस्ते की समझाइश पर घर का सामान वाहनों में भरकर ले गए।

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा-

कोठारी नदी की दुर्दशा एवं लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर राजस्थान पत्रिका ने शृंखलाबद्ध समाचार प्रकाशित किए थे। पत्रिका की खबरों के आधार पर शहर के जागरूक लोगों ने नदी को बचाने के लिए एनजीटी में परिवाद भी दायर किया। एनजीटी के आदेश की पालना में प्रशासन हरकत में आया और कोठारी नदी को बचाने के प्रयास शुरू किए गए। पत्रिका ने अपनी खबरों में यह बताया कि किस तरह कोठारी नदी का गला घोंटा जा रहा है, यदि जल्द प्रयास शुरू नहीं किए गए तो नदी नाले के रूप में बदल जाएगी।

Published on:
19 Dec 2022 08:31 pm
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