पर्यावरणविद् जाजू ने गत दिनों जिला कलक्टर को पत्र लिखकर कोठारी नदी के दोनों किनारों पर 100-100 फीट में 2 लाख पौधे लगाकर ग्रीन-पट्टिका बनाने का सुझाव दिया था। जाजू ने बताया कि कलक्टर ने यूआईटी सचिव को योजना का प्रारूप तैयार करने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन बात अभी आगे नहीं बढ़ी। ऐसे ही हालात रहे तो कोठारी नदी नाले में बदल जाएगी, जिसके लिए आने वाली पीढिय़ां हमें कभी माफ नहीं करेगी।