महात्मा गांधी चिकित्सालय की लैबोरेट्री में लगी बायोकेमेस्ट्री जांच मशीन पिछले 6 माह से खराब है
भीलवाड़ा।
महात्मा गांधी चिकित्सालय की लैबोरेट्री में लगी बायोकेमेस्ट्री जांच मशीन पिछले 6 माह से खराब है। शिकायत के बावजूद मशीन को दुरूस्त नहीं किया जा रहा है। हालांकि यह मशीन विकल्प के रूप में काम आती है लेकिन इसके खराब पड़े रहने से कई बार जांचे अटक जाती है और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पिछले दिनों ही लैब में रेण्डोक्स मशीन एसी के खराब होने से बन्द हो गई थी और मरीजों के ब्लड सेम्पल तक लेना रोक दिया गया।
एेसे में आधे मरीजों को बिना जांच के ही लौटना पड़ा। उस समय अगर यह मशीन चालू होती तो जांच कार्य प्रभावित नहीं होता। विकल्प के रूप में इस मशीन का प्रयोग कर जांचे की जा सकती थी। बताया गया कि इस मशीन में शुगर, युरिया, लीवर फंक्शन टेस्ट, क्रि येटिन, कीडनी फंक्शन टेस्ट, लीपिड प्रोफाईल, केल्शियम, युरिक एसिड सहित 18 प्रकार की जांचे की जा सकती है।
मशीन को ठीक करने का टेण्डर केटीपीएल संस्था जयपुर के पास है। मशीन के खराब होने पर ६ महीने पहले शिकायत कर दी गई। एक बार कर्मचारी भी आया लेकिन विशेषज्ञ को दिखाने की बात कहकर चला गया। इसके बाद हर महीने शिकायत करने के बावजूद ना तो विशेषज्ञ आया और नाही मशीन दुरूस्त हो पाई। अस्पताल प्रशासन ने लैब में खराब पड़े पांच मेंसे एक ही एयरकण्डीशनर ठीक कराया एेसे में किन्हीं कारणों के चलते अगर वापस एयरकण्डीशनर खराब हो जाता है तो मशीन बन्द होने से जांच कार्य प्रभावित हो सकता है।
माहेश्वरी समाज में नि:शुल्क मोक्ष आश्रय सुविधा शुरू
भीलवाड़ा. श्री नगर माहेश्वरी सभा की प्रेरणा से बद्रीप्रसाद सोमानी द्वारा मोक्ष आश्रय माहेश्वरी समाज को उपलब्ध कराया गया। प्रदेशाध्यक्ष कैलाश कोठारी, महेश सेवा समिति अध्य़क्ष राधेश्याम चेचाणी, नगर मंत्री केदार गगरानी, अतुल राठी, सत्यनारायण मूंदडा, अनिल झंवर व प्रमोद डाड आदि ने इस सेवा का विधिवत शुभारम्भ किया। महावीर समदानी ने बताया कि समाज के लिए मोक्ष आश्रय की नि:शुल्क सुविधा महेश शिक्षा सदन के कृषि मण्डी के सामने गेट नं.7 पर बने कमरे में 24 घण्टे उपलब्ध रहेगी।