आसींद इलाके के मोड़ का निम्बाहेड़ा में संचालित ईंट भट्टे से 71 बंधुआ श्रमिकों को मुक्त कराया
आसींद/ ब्राह्मणों की सरेरी।
भीलवाड़ा जिले के आसींद इलाके के मोड़ का निम्बाहेड़ा में संचालित ईंट भट्टे से 71 बंधुआ श्रमिकों को मुक्त कराया। 14 परिवारों के 71 सदस्यों को आसींद थाने लाकर उनकी स्कूल में ठहराने की व्यवस्था की गई तथा परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए गए।
जानकारी के अनुसार मोड़ का निम्बाहेड़ा में संचालित भैरव ईंट भट्टे पर काम करने वाले 14 परिवारों के 71 श्रमिकों को स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से मुक्त कराया गया। रविवार रात को की गई इस कार्रवाई के बाद श्रमिकों को आसींद पुलिस थाने लाया गया, लेकिन ईंट भट्टे के मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। सोमवार को दोपहर बाद तहसीलदार ने वहां पहुंचकर श्रमिकों के बयान लेना प्रारंभ किया। इस भट्टे पर काम करने वाले श्रमिक राम लखावन के भाई गयाप्रसाद ने यूपी के चित्रकूट जिला कलक्टर को इस संबंध में शिकायत की थी। शिकायत में उसने बताया कि भट्टे पर श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है। वहां से चित्रकूट जिला पुलिस ने आसींद पुलिस व स्वयंसेवी संस्था को इस बारे में बताया।
इस पर स्थानीय प्रशासन सकते में आ गया। देर रात को जय भीम संस्थान, जोधपुर के पदाधिकारियों ने ईंट भट्टे पर काम कर रहे यूपी के 14 परिवारों से बात की तो उन्होंने अपनी आपबीती बताई। इस पर सभी 71 श्रमिकों को वहां से मुक्त कराकर सामान के साथ उनको आसींद थाने लाया गया। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाले जय भीम संस्थान के कार्यकर्ताओं ने बताया कि स्थानीय प्रशासन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। पुलिस व प्रशासन पर भट्टा मालिक के प्रभावशाली होने से राजनीतिक दबाव के चलते अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। इस कारण श्रमिकों को फिलहाल राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के भवन में ठहराया गया है। उनके खाने-पीने का इंतजाम भी स्वयंसेवी संस्था की ओर से किया जा रहा है। सोमवार दोपहर बाद हरकत में आए तहसीलदार ने विद्यालय पहुंचकर श्रमिकों के बयान दर्ज करना प्रारंभ किया।