पेट्रोल पम्प पर डकैती डालने की साजिश रचते हत्थे चढ़े गिरोह के सदस्यों की चालबाजी काम नहीं आई
भीलवाड़ा।
पेट्रोल पम्प पर डकैती डालने की साजिश रचते हत्थे चढ़े गिरोह के सदस्यों की चालबाजी काम नहीं आई है। पुलिस को चकमा देने के लिए जो तकनीक अपनाई वह फेल गई। यहीं नहीं मामले के उजागर होने के बाद जिले की कई थाना पुलिस की लापरवाही भी खुलकर सामने आई। सुभाषनगर थाना पुलिस को नकबजनों ने चोरी की फेहरिस्त गिनाई तो सामने आया कि एक दर्जन से अधिक मामले तो पुलिस ने दर्ज ही नहीं किए। कइयों को परिवाद में रखकर इतिश्री कर ली।
शातिर अपराधियों की कलाबाजी देखिए। पुलिस को चमका देने के लिए हर अपराधी का जो वास्तविक मोबाइल नम्बर था वह बेंगू क्षेत्र के मेघनिवास गांव में घर पर ही रखते थे, ताकि पुलिस उनकी वास्तविकता का पता करें तो लोकेशन घर पर ही आए और उन पर शक भी ना हो। वारदात के लिए दूसरी सिम उपयोग में लेते थे। जो सिम उपयोग में लेते थे उसे एक बार काम में लेकर तोड़ देते थे। इससे उनको पकडऩा दूर की कोड़ी होता था।
वारदात के बाद दूसरी बार की ले लेते टोह
हाइवे के नजदीक जिस गांव में वारदात करने जाते थे। वहां एक घर में चोरी के बाद दूसरे मकान की भी टोह लेकर आते थे। ताकि कुछ दिनों बाद वहां वारदात करने पहुंच सकें। पुलिस जांच कर रही है कि लग्जरी जीप का उपयोग किया गया वह भी चोरी की हो सकती है।
कई जिलों की पुलिस पहुंची पूछताछ करने
अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह के सात सदस्य चित्तौडग़ढ़ में बेंगू थाना क्षेत्र के मेघनिवास निवासी प्रकाश कंजर, रतन कंजर, अशोक उर्फ कमलेश, पीउलाल कंजर, महेन्द्र कंजर, राजेन्द्र कंजर तथा जयनगर निवासी गोपाल वैष्णव से पूछताछ के लिए मंगलवार को कई जिलों की पुलिस सुभाषनगर थाने पहुंची। वहां गिरोह से कड़ाई से पूछताछ कर उनके क्षेत्र में हुई वारदात के बारे में जानकारी की गई। आरोपित तीन दिन के रिमाण्ड पर है। उन्होंने भीलवाड़ा जिले में 40 चोरी की वारदात का खुलासा किया है।