https://www.patrika.com/rajasthan-news/
फूलिया कलां।
क्षेत्र के सांगरिया में संस्कृत विद्यालय में संस्कृत दिवस समारोह से लौटते समय पूर्व उप प्रधान गजराज सिंह राणावत पर फायरिंग के आरोपी सोमवार दूसरे दिन भी पुलिस के हाथ नहीं आए। उनकी तलाश में विशेष टीम ने सम्भावित स्थानों पर दबिश दी। उधर, गोली लगने से घायल हुए रामस्वरूप कुमावत की हालत में सुधार आया है। उसका अजमेर स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा है।
शाहपुरा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामजीलाल चंदेल ने बताया कि रामस्वरूप के ऑपरेशन के लिए चिकित्सकों ने मना किया है। तीन छर्रे पेट के अंदर ही रहेंगे। गायक रामस्वरूप को उन छर्रे से भविष्य के लिए कोई खतरा नहीं होगा।
रॉयल्टी ठेकेदार के यहां काम, रोक लगी तो गांव आए
हमले के आरोपी सावर गुर्जर व मानसिंह कोटा व झालावाड़ में रेत ठेकेदार के यहां रॉयल्टी कर्मचारी रह चुके हैं। कोर्ट की ओर से रेत पर प्रतिबंध लगने के बाद सांगरिया आ गए थे। डेढ़-दो माह से दोनों गांव में नहीं थे। रविवार को दोनों मुंह पर नकाब बांधकर विद्यालय में घुसे थे। देशी कट्टा रॉयल्टी कर्मचारी के रूप में काम करते समय खरीदने की सम्भावना है। सावर के खिलाफ कोटा व मान सिंह के खिलाफ फूलिया कलां थाने में मारपीट के मामले भी दर्ज हैं।
फोटो से तलाश
आरोपियों ने सोशल मीडिया पर अपने फोटो डाल रखे हैं। पुलिस ने उन फोटो का प्रिंट निकलवा तलाश में लगी टीम को दे दिया। इससे उनको पहचानने में आसानी रह सकें।
उपखण्ड कार्यालय पर प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग
आम चौखला क्षत्रिय कुमावत समाज सेवा समिति धानेश्वर के अध्यक्ष बृजमोहन कुमावत, देवरिया सरपंच रामनारायण कुमावत, सांगरिया पूर्व सरपंच हीरालाल कुमावत ने जिला कलक्टर के नाम उपखण्ड अधिकारी भंवरलाल कासोटिया को ज्ञापन देकर आरोपितों की गिरफ्तारी व घायल सांगरिया निवासी रामस्वरूप कुमावत को चिकित्सा मुहैया कराने की मांग की। लोगों ने उपखण्ड कार्यालय में प्रदर्शन किया।
यह था मामला
सांगरिया में रामद्वारा स्थित राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय में संस्कृत दिवस कार्यक्रम में रविवार को पूर्व उप प्रधान राणावत अतिथि थे। कार्यक्रम के बाद लौटते समय पीछे आए सावरलाल व मानसिंह ने राणाावत की कनपटी पर देशी कट्टा रख धक्का दिया। उसके बाद फायर कर दिया, लेकिन राणावत पर निशाना नहीं लगा। निकट चल रहे रामस्वरूप के पेट व जांघ पर छर्रे लगे