8 जून 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

20 जून तक राजस्थान सरकार का महाभियान: जिम्मेदार अफसरों पर गिरेगी गाज, कमर्शियल बिल्डिंग की होगी फायर सेफ्टी जांच

Rajasthan News: दिल्ली और बिहार के अग्निकांडों के बाद राजस्थान सरकार ने पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी महाअभियान शुरू किया है। 20 जून तक चलने वाले इस अभियान में होटल, अस्पताल, कोचिंग संस्थान समेत सभी कमर्शियल बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच होगी।

3 min read
Google source verification
Bhajnlal-News

CM भजनलाल शर्मा (फोटो: पत्रिका)

Rajasthan Government Fire Safety Campaign: दिल्ली और बिहार में हुए दर्दनाक अग्निकांड से सबक लेते हुए राजस्थान सरकार अब पूरी तरह से सतर्क हो गई है। भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकने और नागरिकों व पर्यटकों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के तहत पूरे प्रदेश सहित टेक्सटाइल सिटी में भी सभी होटल, रेस्टोरेंट्स और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनिवार्य भौतिक सत्यापन के लिए एक विशेष जांच अभियान का शंखनाद किया गया है। राजस्थान पत्रिका ने टेक्सटाइल सिटी में सुरक्षा मानकों की हो रही अनदेखी को लेकर " बारूद के ढेर पर वस्त्रनगरी, सुरक्षा के नाम पर सिर्फ दिखावे के सिलेंडर " शीर्षक समाचार से मुद्दा उठाया था।

भीलवाड़ा शहर और जिला मुख्यालयों सहित तमाम नगरपालिका क्षेत्रों में 6 जून से इस सघन सर्वे की शुरुआत हो चुकी है, जिसके बाद से ही नियम विरुद्ध चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया है। नगर निगम की इस त्वरित कार्रवाई ने कोचिंग संस्थानों, निजी अस्पतालों और होटलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

दो सप्ताह का अल्टीमेटम: राडार पर होंगे हाई-रिस्क भवन

प्रशासन के आदेशों के मुताबिक यह विशेष जांच अभियान 6 जून से शुरू होकर आगामी 20 जून तक जारी रहेगा। इस समय सीमा के भीतर सभी नगरीय निकायों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में आने वाले होटल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट्स, मैरिज होम, मल्टीप्लेक्स, कोचिंग संस्थानों और पेइंग गेस्ट (पीजी) जैसे अत्यधिक जोखिम वाले व्यावसायिक भवनों का बारीकी से सर्वेक्षण करना होगा।

वैध एनओसी की भी होगी पड़ताल

नगर निगम आयुक्त हेमराम चौधरी ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि सर्वे के दौरान सबसे पहले वैध फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की सघन जांच की जा रही है। जिन प्रतिष्ठानों की एनओसी की अवधि समाप्त हो चुकी है, उन्हें तत्काल प्रभाव से नवीनीकरण कराने के लिए पाबंद किया जा रहा है, जबकि बिना एनओसी के धड़ल्ले से चल रहे संस्थानों के खिलाफ बेहद सख्त और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इलेक्ट्रिक ऑडिट भी अनिवार्य

इस अभियान के तहत केवल कागजी कार्रवाई ही नहीं होगी, बल्कि धरातल पर सुरक्षा उपकरणों की वास्तविक स्थिति को परखा जा रहा है। जांच दल इस बात की पूरी तसल्ली कर रहे हैं कि आपातकालीन निकास मार्ग पूरी तरह से खुले, बाधा-रहित और चमकीले 'एग्जिट' चिह्नों से सुसज्जित हों। किसी भी सूरत में आपातकालीन द्वारों पर ताला लगाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही फायर एक्सटिंग्विशर, होज रील, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम और फायर अलार्म जैसी प्रणालियों का हर वक्त वर्किंग कंडीशन में होना अनिवार्य कर दिया गया है।

रूफटॉप रेस्टोरेंट और बेसमेंट किचन पर विशेष नजर

इस महाअभियान में शहर के अवैध निर्माणों, बेसमेंट में चल रहे किचन और चमचमाते रूफटॉप रेस्टोरेंट्स पर विशेष रूप से शिकंजा कसा जाएगा। बिना वैध अनुमति के छतों पर गैस सिलेंडरों का खुलेआम उपयोग करने वाले रूफटॉप रेस्टोरेंट्स के खिलाफ जब्ती की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, शॉर्ट-सर्किट से लगने वाली आग को रोकने के लिए व्यापक इलेक्ट्रिक ऑडिट भी किया जा रहा है, जिसमें बिजली के पैनल रूम की सफाई, तारों की सही वायरिंग और ओवरलोडिंग की गहनता से पड़ताल की जा रही है।

लापरवाही पर सीधे सीलिंग की कार्रवाई, जिम्मेदार अफसरों पर भी गिरेगी गाज

सरकार ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सर्वे के दौरान यदि किसी भी व्यावसायिक परिसर में गंभीर अनियमितताएं पाई जाती हैं या फिर बिना फायर एनओसी के संचालन होता मिलता है, तो राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के तहत उनके खिलाफ तुरंत सीलिंग या जब्ती जैसी सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इस अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सभी नगरीय निकायों को हर हफ्ते अपनी प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी होगी और निरीक्षण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों या कर्मचारियों के विरुद्ध भी सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बड़ी खबरें

View All

भीलवाड़ा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग