
बेटी के जन्मदिन पर आयोजित प्रार्थना सभा में मौजूद लोग। फोटो: पत्रिका
Sikar Religious Conversion Case: सीकर शहर के शांतिनगर और नीमकाथाना की एक स्कूल के बाद जिले में धर्मांतरण का फिर एक बड़ा विवाद सामने आया है। इस बार गुंगारा गांव में जन्मदिन की पार्टी में शरीक हुए लोगों का ब्रेनवॉश कर उन्हें ईसाई धर्मावलंबी बनाने की कोशिश की गई। आरोप है कि आरोपियों ने पहले तो प्रार्थना सभा करवाई और फिर मोटी रकम सहित अन्य प्रलोभन देकर लोगों पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव डाला। हिंदू धर्म के खिलाफ भी बयानबाजी की।
मामले का एक वीडियो वायरल हुआ तो आक्रोशित ग्रामीण रविवार को दादिया थाने पहुंच गए। उन्होंने धर्मांतरण करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। मामले में कमलेश कुमार धींवा की रिपोर्ट पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दादिया थानाधिकारी संजय पूनिया ने बताया कि धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025 के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने झुंझुनूं के परसरामपुरा खिरोड़ निवासी अशोक कुमार रैगर (42) पुत्र बनवारीलाल व बडागांव गुढागौड़जी निवासी रोशन कुमार पुत्र भोलाराम रैगर (46) व अलायली जोहड़ी निवासाी सुरेश कुमार धींवा (43) पुत्र फूलचंद धींवा को गिरफ्तार किया है। इनमें आरोपी सुरेश परिवादी कमलेश का बड़ा भाई ही है।
रिपोर्ट में कमलेश ने बताया कि 5 जून को उनके बड़े भाई सुरेश ने बेटी का जन्मदिन समारोह आयोजित किया। उसमें सभी परिजनों व रिश्तेदारों सहित बाहर से अशोक रैगर, उसकी पत्नी सोनिया, विमला, रोशन व उसकी पत्नी मोनिका, द्रोपदी आदि भी पहुंचे। इनमें से अशोक और उसकी पत्नी सोनिया ने सभी लोगों को एकत्रित कर नीचे बिठा दिया। फिर हाथ में क्रॉस का निशान लेकर हिंदू धर्म की बुराई करते हुए इसाई धर्म की अच्छाई बताने लगे। उन्होंने सबका ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन का प्रयास किया और अंत में प्रार्थना भी करवाई।
गुंगारा ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी अशोक व सोनिया के साथ अन्य लोग गुंगारा निवासी पीड़ित परिवार की एक महिला को पिछले दो साल से बरगला कर जबरन धर्म बदलवाने का प्रयास कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार आरोपी अशोक कुमार रैगर की खिरोड़ में मेडिकल की दुकान है। सुरेश की पत्नी वहां दवाई लेने जाती थी, यहीं पर आरोपी ने उसे झांसे में लेकर धर्म परिवर्तन करवा दिया। इसके बाद आरोपी ने सुरेश के घर पहुंचकर धार्मिक प्रतिमाओं को जोहड़ी में रखवा दिया और कथित तौर पर स्वस्थ रहने व मोटी रकम का लालच देकर उसका भी धर्मांतरण करवा दिया।
आरोपी अशोक कुमार घरों में जाकर भी लोगों का इलाज करता है। आरोप है कि इस आड़ में ही वह लोगों से संपर्क कर धर्म परिवर्तन का खेल खेलता है। जानकारी के अनुसार वह लोगों को बरगलाकर पंजाब के जालंधर शहर ले जाता। वहीं उन्हें रुपए सहित अन्य प्रलोभन देकर धर्मांतरण करवाया जाता।
जानकारी के अनुसार आरोपी सुरेश धींवा टाइल्स लगाने का काम करता है। वह काफी पहले ईसाई धर्म अपना चुका था। ऐसे में उसके परिवार के लोग भी उससे नाराज चल रहे थे। सुरेश कुमार ने योजना के तहत बेटी के जन्मदिन के बहाने लोगों को बुलाकर धार्मिक समारोह व प्रार्थना करवाई। दादिया थाना पुलिस को सुरेश के घर क्रॉस के निशान तथा अन्य धार्मिक पुस्तकें व सामग्री भी मिली है।
जन्मदिन पर प्रार्थना सभा का एक वीडियो भी सामने आया है। उसमें एक व्यक्ति व महिला इसाई धर्म पर बात करते दिखाई दे रहे हैं। सामने काफी संख्या में लोग नीचे बैठे दिख रहे हैं। इसी वीडियो के वायरल होने के बाद मामला ज्यादा तूल पकड़ गया।
धर्म परिवर्तन के पिछले साल भी जिले में दो मामले आए थे। शहर के शांतिनगर स्थित चर्च में दिल्ली व महाराष्ट्र सहित बाहर से आए 14 लोगों द्वारा स्थानीय कच्ची बस्ती के लोगों का धर्मांतरण करने का मामला सामने आया है। इस पर हिंदुवादी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। इसी तरह नीमकाथाना के एक स्कूल में भी छठी कक्षा की छात्रा पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाने व मारपीट के मामले में बवाल हुआ था।
Updated on:
8 Jun 2026, 9:32 AM IST
Published on:
8 Jun 2026, 9:32 AM IST
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