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करेड़ा।
रामपुरिया में बकरियां चराते समय हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से छात्र की मौत के मामले में शनिवार दूसरे दिन भी करेड़ा अस्पताल की मोर्चरी के बाहर चार घण्टे हंगामा किया। मुआवजे और दोषी के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
जानकारी के अनुसार नारेली पंचायत के रामपुरिया निवासी दसवीं का छात्र रतनलाल सालवी (16) शुक्रवार दोपहर बकरियां चराते समय शर्मा ग्रेनाइट के निकट ११ हजार केवी की झूलती विद्युत लाइन की चपेट में आ गया था। उसकी मौत हो गई थी, जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने मौके से सात घंटे शव नहीं उठाने दिया। देर रात उपखण्ड अधिकारी व पुलिस ने जैसे-तैसे परिजनों और ग्रामीणों को समझाया व शव को करेड़ा की मोर्चरी में रखवाया। शनिवार सुबह परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण करेड़ा अस्पताल के बाहर जमा हो गए।
मुआवजा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तक शव उठाने से इनकार कर दिया। थानाधिकारी नरेन्द्रसिंह ने समझाइश की, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। हंगामा बढ़ता देख उपखण्ड अधिकारी उम्मेदसिंह व डिस्कॉम के अधिशाषी अभियंता पीरूमल जीनगर, नायब तहसीलदार गोपाल दास वैष्णव पहुंचे। करीब चार घण्टे समझाइश के बाद दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने पर राजी हुए।
शिकायत पर देते ध्यान तो बच जाती जान
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाईटेंशन लाइन के झूलते तारों को लेकर कई बार शिकायत की गई। लिखित में भी डिस्कॉम को प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बावजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने ध्यान नहीं दिया। डिस्कॉम की लापरवाही के कारण छात्र की जान चली गई।
युवक ने फंदे से लटककर दी जान
भीलवाड़ा शहर के पुरानी कचहरी के निकट युवक ने शनिवार को फंदे पर झूलकर जान दे दी। वृद्ध मां का युवक इकलौता चिराग था। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं लगा है।
एमजीएच चौकी प्रभारी भंवरसिंह ने बताया कि पुरानी कचहरी जूनावास निवासी राकेश जीनगर ने घर पर रस्सी से फंदा लगाकर जान दे दी। तब उसकी मां गंगा देवी अन्य मकानों में झाडू-पोछा करने गई थी। दोपहर में लौटी तो बेटे को फंदे पर झूलता पाया। मां की चीख सुनकर पड़ोसी आए। सूचना पर भीमगंज पुलिस भी पहुंची। लोगों के सहयोग से शव उतार कर मोर्चरी पहुंचाया गया। मृतक की मां ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इस पर बिना पोस्टमार्टम शव उन्हें सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार राकेश पुराना बस स्टैण्ड के निकट वाहनों की सीट बनाने का काम करता था। वह शराब भी पीता था। राकेश के एक भाई की पूर्व में मौत हो चुकी है। वह मां के साथ रहता था और अविवाहित था।