
भीलवाड़ा सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड की ओर से मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लेने के लिए अब केवल पांच दिन शेष बचे हैं। यह योजना 30 सितंबर को समाप्त होने जा रही है। बैंक के 1066 पात्र ऋणी किसानों पर 2204.41 लाख रुपए का बकाया है। इसमें से 1067.28 लाख रुपए किसानों की ओर से जमा कराए जाने हैं, जबकि 1137.12 लाख रुपए की राशि राहत (छूट) के रूप में देय है। अब तक 360 किसान 354.07 लाख रुपए जमा कर 377.63 लाख रुपए की राहत राशि का लाभ ले चुके हैं।
बैंक के सचिव अनिल काबरा ने बताया कि 85 कृषकों ने आंशिक राशि जमा कराई है। उन्हें बताया गया है कि योजना की अवधि समाप्त होने से पहले शेष राशि जमा करा दें, अन्यथा उनकी जमा राशि खाते में बकाया ब्याज में समायोजित कर दी जाएगी और वे राहत राशि पाने के हकदार नहीं रहेंगे। बैंक ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि तक राशि जमा नहीं कराई जाती है तो विभागीय निदेशानुसार संबंधित ऋणी सदस्यों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उसमें जमीन की नीलामी भी शामिल है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सहकारी भूमि विकास बैंक की सभी शाखाएं 30 सितंबर तक अवकाश के दिन शनिवार, रविवार और दुर्गाष्टमी को भी खुली रहेंगी।
उधर अतिरिक्त रजिस्ट्रार ज्योति गुप्ता ने एक पत्र लिखकर राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक लि. के प्रबन्ध निदेशक से इस योजना की अवधि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाने की मांग की है। इसे प्रबंध निदेशक जितेंद्र प्रसाद ने अवधि बढ़ाने से इंकार कर दिया है। अब किसानों के पास राशि जमा कराने के लिए मात्र पांच दिन का समय शेष है।