फर्जी स्वयं सहायता समूह बना दो तत्कालीन मैनेजरों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ मिलकर पौने तीन करोड़ रुपए की जालसाजी कर दी
बीगोद/बरूंदनी।
फर्जी स्वयं सहायता समूह बनाकर बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के दो तत्कालीन मैनेजरों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ मिलकर पौने तीन करोड़ रुपए की जालसाजी कर दी। धोखाधड़ी सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन दंग रह गया। बैंक प्रबंधन ने महिला समेत तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन करने के दो-दो अलग-अलग मामला सोमवार रात को बीगोद थाने में दर्ज कराए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
थानाप्रभारी तुलसीराम प्रजापत के अनुसार बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की सिंगोली शाखा के प्रबन्धक जयपुर निवासी कुशवेंद्र कुमार शर्मा ने मामला दर्ज कराया। रिपोर्ट में आरोप लगाया कि वर्ष-2012 दिसम्बर में सिंगोली में बैंक की शाखा खुली। वर्ष-2013 जनवरी से 2016 के बीच में जालसाजी हुई। बैंक के पूर्व प्रबंधक भीलवाड़ा के चन्द्रशेखर आजादनगर निवासी राजेन्द्र प्रसाद अग्रवाल व उदयपुर निवासी संजीव कुमार व्यास ने अपने-अपने कार्यकाल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बागीत (धाकड़खेड़ी) हाल हरणी महादेव रोड निवासी मंजू देवी पाराशर के साथ मिलकर 2 करोड़ 64 लाख 50 हजार 803 रुपए की जालसाजी की।
आरोपितों ने स्वयं सहायता समूह का गठन करके फर्जी दस्तावेजों से ऋण उठाए और उसके बाद जमा नहीं करवा कर हड़प लिए। दोनों मामलों में कथित रूप से आरोपितों के साथ स्वयं सहायता समूहों के अध्यक्ष और सचिव भी संदेह के घेरे में है। इन दिनों अग्रवाल बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भरतपुर तथा व्यास चूरू जिले में पदस्थापित है। पुलिस ने इस तरह के कई मामले सामने आने की सम्भावना जताई है।
ट्रेलर पलटने से चालक की दबने से मौत
सहाड़ा चौराहे के निकट ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक की दबने से मौत हो गई। शव को गंगापुर स्थित मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस के अनुसार गठिला फार्म स्थित फैक्ट्री से पाउडर भरकर ट्रेेेेलर मोरबी जा रहा था। कबीर खेड़ा गांव के निकट ट्रेेेेलर पलट गया। हादसे में खजूर का नाला (हिण्डोली) निवासी फूलसिंह मीणा (40) की मौत हो गई। पाउडर के कट्टे सड़क पर बिखर गए। इससे यातायात अवरूद्ध हो गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। सूचना पर पुलिस वहां पहुंची। कट्टों को सड़क किनारे रखकर यातायात सुचारू करवाया। एक घण्टे तक एक तरफा यातायात व्यवस्था करनी पड़ी। शव को मोर्चरी में रखवाया।