भीलवाड़ा

हार्ट रोगी को दी ताकत व एसिडिटी की दवा, सड़क पर तड़फते हुए मौत

कस्बे के सैटेलाइट अस्पताल में सरकारी चिकित्सकों की हड़ताल के कारण आयुष डॉक्टर से इलाज में प्रौढ़ को जान देकर चुकानी पड़ी

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शाहपुरा कस्बे के सैटेलाइट अस्पताल में सरकारी चिकित्सकों की हड़ताल के कारणआयुष चिकित्सक द्वारा हार्ट रोगी लिखी पर्ची में एसिडिटी की व ताकत की दवा

शाहपुरा।

कस्बे के सैटेलाइट अस्पताल में सरकारी चिकित्सकों की हड़ताल के कारण आयुष डॉक्टरों से इलाज प्रौढ़ को जान देकर चुकानी पड़ी। हृदयघात की शिकायत पर परिजन प्रौढ़ को लेकर सैटेलाइट अस्पताल पहुंचे। वहां आयुष डॉक्टरों ने गैस और ताकत की दवा लिखकर रवाना कर दिया। गांव ले जाते समय रास्ते में ही प्रौढ़ की तड़प कर मौत हो गई। उसके बाद शव को वापस शाहपुरा लाया गया। परिजनों ने शव मोर्चरी में रखवा कर हंगामा खड़ा कर दिया। शव उठाने से इनकार कर दिया। हंगामे को देखकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी वहां पहुंचे। समझाइश करके शव को जिला मुख्यालय स्थित भीलवाड़ा मोर्चरी में रखवाया। वहीं आयुष चिकित्सक के खिलाफ शाहपुरा थाने में मामला दर्ज कराया गया।

जानकारी के अनुसार अरवड़ ग्राम पंचायत के डियास निवासी माधू बैरवा (55) को सीने में दर्द की शिकायत पर परिजन शाम को मोटरसाइकिल पर बैठाकर शाहपुरा सैटेलाइट अस्पताल लेकर आए। यहां आयुष चिकित्सक लगे थे। चिकित्सकों ने ईसीजी की। ईसीजी में हृदयघात के लक्ष्ण आ गए। उसके बावजूद आयुष चिकित्सक ने पेट में गैस और ताकत की दवा लिखकर रवाना कर दिया। वापस ले जाते समय शाहपुरा से स ात किलोमीटर दूर बिजयनगर मार्ग पर अरनिया घोड़ा को वापस सीने में दर्द उठा। उसके दामाद ने तड़पता देखकर आसपास के लोगों से मदद की गुहार की। सड़क पर तड़पते ही माधू ने दम तोड़ दिया। कुछ देर बाद १०८ एम्बुलेंस वहां पहुंची। उसे वापस शाहपुरा लाया गया। यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित किया।

परिजनों का हंगामा, शव लेने से इनकार

परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। मृतक के बड़े भाई रायचंद ने आरोप लगाया कि हृदयघात पर तत्काल भीलवाड़ा रैफर किया जाना चाहिए था। ताकी भीलवाड़ा में निजी अस्पताल में इलाज कराते तो जान बच सकती थी। आयुष चिकित्सकों को ईसीजी रिपोर्ट समझ तक नहीं आई। उन्होंने डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो जाने के बाद कुछ दिनों बाद वापस जांच करवाने की बात कहकर पांच दिन का कोर्स लिखकर रवाना कर दिया। परिजन पोस्टमार्टम कराने पर अड़ गए। हंगामे को देखते हुए शाहपुरा थानाप्रभारी डूंगरसिंह वहां पहुंचे।

ड्यूटी डॉक्टर ने कहा पोस्टमार्टम नहीं आता, भीलवाड़ा भेजना पड़ा पुलिस पोस्टमार्टम कराने पर राजी हुई तो वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मुकेश शर्मा ने पोस्टमार्टम करना नहीं आने की बात कही। उन्होंने चीरफाड़ से इनकार कर दिया। इससे एक बार फिर हंगामा खड़ा हो गया। बाद में शव को जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी अस्पताल स्थित मोर्चरी के लिए रवाना किया। परिजनों की रिपोर्ट पर आयुष चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज किया।

Published on:
06 Nov 2017 10:50 pm
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